वेदांता थर्मल पावर प्लांट में ठेका श्रमिकों का धरना फिर शुरू, छंटनी के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन


खरसिया। वेदांता थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को प्लांट के मुख्य द्वार के सामने बड़ी संख्या में श्रमिक धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।
धरना दे रहे श्रमिकों का आरोप है कि 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद प्लांट बंद होने से एनजीएसएल कंपनी के तहत कार्यरत ठेका कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी द्वारा लगातार कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है, उनकी मांग है कि वेदांता कंपनी में नियमित कर्मचारी के रूप में रखा जाए या नई एंजेसी में अनिवार्य रूप से रखा जाय । मई व जून 2026 का वेतन पूर्ण दिया जाए। कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को अनुभव प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र दी जावे। सभी श्रमिकों को पी एफ राशि व esic बोनस राशि सहित अन्य आवश्यक राशियों को दिया जावे । ऐसी अनेक बिन्दुओं में मांग की गई हैं। कर्मचारियों का भविष्य को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी 8 जून को इन्हीं मांगों को लेकर श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन किया था। उस दौरान कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। हालांकि श्रमिकों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद छंटनी का सिलसिला नहीं रुका, जिसके चलते उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मांग की है कि छंटनी की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए तथा सभी प्रभावित श्रमिकों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अब सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि श्रमिकों का यह धरना कब तक चलता है और उनकी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।



