जोबी बर्रा संस्कृति गौरव महासम्मेलन मे भाजपा के संवैधानिक जनप्रतिनिधियों की पोस्टर एवं आमंत्रण में उपेक्षा क्यों?

रायगढ़। जोबी बर्रा क्षेत्र में आयोजित होने जा रहे संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार, पोस्टर एवं आमंत्रण पत्रों में क्षेत्र की महत्वपूर्ण संवैधानिक जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा क्यों की गई है।
क्षेत्र की जनता यह सवाल उठा रही है कि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं आदिवासी महिला नेतृत्व की सशक्त पहचान श्रीमती राजकुमारी राठिया को कार्यक्रम के प्रचार सामग्री में उचित स्थान क्यों नहीं दिया गया। दोनों जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और ग्रामीण विकास तथा जनसेवा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
एक ओर भारतीय जनता पार्टी द्वारा संस्कृति गौरव महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं तथा आमजन को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के प्रमुख संवैधानिक जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कई सवाल खड़े कर रही है।
ज्ञात हो कि स्वर्गीय राजा दिलीप सिंह जूदेव ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सनातन परंपरा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया था। उनके विचार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर आधारित रहे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि संस्कृति गौरव और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाना है, तो क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक मंच और प्रचार सामग्री में स्थान दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की अनदेखी न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी उचित नहीं मानी जा सकती।



