खरसिया 2028: टिकट की चर्चा ने बढ़ाई सियासी हलचल, कौन बनेगा भाजपा का चेहरा?

खरसिया। विधानसभा चुनाव 2028 में अभी वक्त है, लेकिन खरसिया की सियासत में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यदि आगामी परिसीमन के बाद खरसिया विधानसभा क्षेत्र का मौजूदा स्वरूप बरकरार रहता है, तो भाजपा की ओर से कौन चेहरा मैदान में उतरेगा, इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कई नामों की चर्चा होने लगी हैl

इन चर्चाओं में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष भाजपा नेता नरेश पटेल को एक बार मौका देने की बात चर्चा जोर शोर से है। इनका नाम सबसे प्रमुख रूप से सामने आता है। नरेश पटेल तेज तर्रार मृदुभाषी नेता हैं उमेश पटेल को कड़ी चुनौती दे सकता हैं। �

दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल का नाम भी संभावित दावेदारों की चर्चा में है। खरसिया क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में भूमिका को देखते हुए समर्थकों के बीच उनका नाम चर्चा में है। हालिया खरसिया कार्यक्रमों में भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी, के साथ शिखा रविन्द्र गबेल और नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग सहित भाजपा नेताओं की सक्रियता दिखाई दी है। �

इसी क्रम में नेत्रानंद पटेल का नाम भी राजनीतिक चर्चा में है। वे खरसिया क्षेत्र में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के विधानसभा प्रभारी हैं अघरिया समाज से राजनीति से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं और युवाओं के चहेते दिखाई देते हैं।
राजनीतिक चर्चाओं में अघरिया समाज से एक महिला शासकीय कर्मचारी का नाम भी भाजपा में दावेदारी की बात कही जा रही है। हालांकि नाम को लेकर अभी कोई स्पष्ट सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं है, इसलिए इस चर्चा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वहीं खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग भी संभावित राजनीतिक समीकरणों में एक नाम हैं। हालांकि 2028 में टिकट को लेकर अभी किसी स्तर पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। खरसिया में सबसे बड़ा सवाल—चेहरा कौन?
खरसिया विधानसभा की राजनीति लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में देखी जाती रही है। 2023 के परिणाम और पिछले चुनावों का इतिहास भी इस सीट की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को खास बनाता है। �
ऐसे में 2028 के लिए असली सवाल सिर्फ “कौन दावेदार है?” नहीं, बल्कि यह भी होगा कि भाजपा संगठन स्थानीय चेहरा, महिला नेतृत्व, सामाजिक समीकरण या बड़े राजनीतिक कद में से किस तरह का संतुलन साधता है।
फिलहाल ये सभी नाम राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित हैं।



