पुसौर लखपति दीदी चयन में अनियमितता का आरोप, जांच पर उठे सवाल !

रायगढ़। जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) बिहान शाखा में वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान किए गए “लखपति दीदी” चयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आवेदक ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं हुई और बड़े पैमाने पर फर्जी तरीके से लाभार्थियों का चयन किया गया।
जानकारी के अनुसार, इस संबंध में आवेदक द्वारा 26 मई 2026 को सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बड़े भंडार में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत के आधार पर 2 जून 2026 को जनपद पंचायत पुसौर के सीईओ द्वारा जांच समिति गठित की गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि क्षेत्र में लगभग 13 से 14 हजार लखपति दीदी चिन्हित हैं, लेकिन उनकी पात्रता और मापदंडों की समुचित जांच नहीं की गई। आरोप है कि जांच अधिकारियों में क्षेत्रीय समन्वयक जानकी साहू, ए डी ई ओ – अमित गायंगकर एवं बृजबंधु पटेल ने जल्दबाजी में जांच पूरी कर ऑनलाइन पोर्टल पर केवल “सैंपल जांच” का उल्लेख करते हुए मामले को निराकृत बता दिया।
आवेदक का कहना है कि जांच से संबंधित दस्तावेज और प्रतिवेदन की प्रतियां आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इससे जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि कहीं जांच अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से NRLM शाखा में संभावित अनियमितताओं को दबाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा है !
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि यदि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही तो इससे महिला हितग्राहियों का भरोसा टूटेगा और योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा।



