मनरेगा में 20 साल बाद जरूरी सुधार: अब ‘विकसित भारत – गरीब, रोजगार, आत्मनिर्भर, मजबूत – ग्राम’ (VB-G RAM G) के साथ छत्तीसगढ़ तैयार :- ओपी चौधरी*

रायगढ़ :- वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज मनरेगा योजना के संदर्भ में राजधानी में मीडिया को दिए बयान में कहा कि जब वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए थे, उसी दौर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू हुआ था। आज 20 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद कोई भी योजना अपने मूल स्वरूप में उतनी प्रासंगिक नहीं रह जाती। समय के साथ समाज, अर्थव्यवस्था और देश की आवश्यकताएं बदलती हैं, इसलिए योजना के स्वरूप में आवश्यक बदलाव करना अत्यंत जरूरी हो जाता है।
श्री चौधरी ने कहा कि इसी सोच के साथ केंद्र सरकार ने मनरेगा को और अधिक जनोपयोगी, पारदर्शी एवं विकास-परख बनाने के लिए व्यापक रिफॉर्म्स किए हैं। अब यह योजना केवल ‘रोजगार गारंटी’ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाले उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण का सशक्त माध्यम बनेगी। VB-G RAM G की शुरुआत किए जाने के संबंध में
वित्त मंत्री ने बताया कि इन सुधारों के साथ केंद्र सरकार ने विकसित भारत – गरीब, रोजगार, आत्मनिर्भर, मजबूत ग्राम’ (VB-G RAM G) की परिकल्पना को जोड़ा है। इसका G का अर्थ गरीब है अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना। R का अर्थ रोजगार है अकुशल के साथ कुशल रोजगार के अवसर बढ़ाना। A का अर्थ आत्मनिर्भर हैं। ग्राम स्तर पर आजीविका के स्थायी स्रोत विकसित करना। M का अर्थ मजबूत है। टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना जैसे अमृत सरोवर, कृषि सिंचाई संरचना, ग्रामीण सड़कें, सामुदायिक भवन का निर्माण। G का अर्थ ग्राम है। ग्राम पंचायतों को विकास की मुख्य धुरी बनाना। छत्तीसगढ़ की तैयारी के संबंध में श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने VB-G RAM G को लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है। राज्य में तकनीक आधारित निगरानी, जियो-टैगिंग, समयबद्ध मजदूरी भुगतान और सामाजिक अंकेक्षण को और मजबूत किया गया है, ताकि योजना में पहले की विसंगतियों को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा मनरेगा का नया स्वरूप छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर बनाएगा और विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।



