सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर को पुरस्कार क्यों? डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्थाओं से जूझ रहे मरीज ?

रायगढ़/पुसौर। जिला रायगढ़ के अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में आवश्यकता के अनुरूप चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं है और जो डॉक्टर पदस्थ हैं, उनके भी समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
अस्पताल में उपलब्ध कई चिकित्सा उपकरण विशेषज्ञ कर्मचारियों के अभाव में उपयोग नहीं हो पा रहे हैं। वहीं मरीजों को आपातकालीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वाहन तो है, लेकिन उसके संचालन हेतु स्थायी चालक की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ जाती है।
वर्तमान में मौसमी बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं होने से भर्ती मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।
दूसरी ओर नगर पंचायत पुसौर क्षेत्र में बोरोडीपा से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक नालियों की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था भी बदहाल बताई जा रही है। समय पर सफाई नहीं होने के कारण गंदगी और जलभराव की समस्या बनी रहती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
इन तमाम समस्याओं और अव्यवस्थाओं के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पुसौर को पुरस्कार प्रदान किए जाने पर स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का सवाल है कि जब अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, कर्मचारियों का अभाव, बेड की समस्या और सफाई व्यवस्था जैसी बुनियादी चुनौतियां मौजूद हैं, तो फिर यह पुरस्कार किन मानकों के आधार पर दिया गया?
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से अस्पताल की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।



