जनपद पंचायत पुसौर में पीएम आवास 2.0 की पारदर्शिता पर सवाल, मुनादी और सूचना के बिना शुरू होगी दावा-आपत्ति प्रक्रिया?

रायगढ़/पुसौर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के तहत 16 जुलाई से 22 जुलाई तक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया निर्धारित किए जाने के बावजूद जनपद पंचायत पुसौर क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतों में अब तक प्रस्तावित सूची सार्वजनिक नहीं होने और पंचायत में मुनादी नहीं होने का मामला सामने आया है। इससे पात्र हितग्राहियों और ग्रामीणों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश पंचायतों में न तो मुनादी कर सूचना दी गई है और न ही सार्वजनिक स्थानों पर सूची चस्पा की गई है। आरोप है कि कई ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा अब तक ग्राम सभा की प्रस्तावित सूची जनपद पंचायत में जमा नहीं की गई है। ऐसे में आम जनता और संभावित हितग्राही यह जानने में असमर्थ हैं कि उनका नाम सूची में शामिल है या नहीं तथा यदि कोई आपत्ति दर्ज करनी हो तो वह कैसे करें।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब दावा-आपत्ति की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है, तब सूची के व्यापक प्रचार-प्रसार और पारदर्शी प्रदर्शन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि पात्र हितग्राहियों तक समय पर सूचना नहीं पहुंचने से कई जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत पुसौर और जनप्रतिनिधियों से मामले में संज्ञान लेकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में सूची का प्रकाशन, मुनादी तथा सूचना प्रसार सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि दावा-आपत्ति प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।



