पुसौर बिहान शाखा में फर्जी समूहों का खेल, बीपीएम व क्षेत्रीय समन्वयक को हटाना जरूरी ?
फर्जी समूह, निष्क्रिय समितियों को सक्रिय दिखाने और लखपति दीदी योजना में अनियमितता के आरोपों से घिरी पुसौर बिहान शाखा

रायगढ़/पुसौर। जनपद पंचायत पुसौर की बिहान शाखा एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। क्षेत्र के कई ग्राम संगठनों में फर्जी स्वयं सहायता समूहों के संचालन, निष्क्रिय समूहों को कागजों में सक्रिय दिखाने तथा शासन की विभिन्न योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों और संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि कुछ ग्राम संगठनों में बीपीएम (ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर), क्षेत्रीय समन्वयक एवं संबंधित अधिकारियों के संरक्षण में फर्जी समूहों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आरोप यह भी है कि जो समूह लंबे समय से निष्क्रिय हैं, उन्हें भी रिकॉर्ड में सक्रिय दर्शाकर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा कई स्थानों पर “लखपति दीदी” जैसी उपलब्धियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहान योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, लेकिन यदि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता नहीं होगी तो वास्तविक लाभार्थी महिलाएं पीछे छूट जाएंगी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित बीपीएम और क्षेत्रीय समन्वयक को पद से हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से हो सके। उनका कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र महिलाओं तक नहीं पहुंच पाएगा।
क्षेत्र के लोगों का मानना है कि बिहान जैसी महत्वाकांक्षी योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन और प्रशासन इन आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाते हैं।



