मीडिया लोकतंत्र का आईना, कार्यकर्ता का आचरण प्रतिबिंब’: प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने बताए मीडिया प्रबंधन के 5 सूत्र, कहा—सच ही सबसे बड़ा ‘ब्रेकिंग न्यूज’*

रायगढ़ :- भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान के पंचम सत्र में ‘मीडिया प्रबंधन’ विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता मा. नलिनीश ठोकने जी ने मीडिया को लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ बताया और कार्यकर्ताओं को ‘आईने के सामने खड़े रहने की कला’ सिखाई। आईना झूठ नहीं बोलता, हम झूठ न बोलें
श्री ठोकने ने कहा, “मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ नहीं, पहला प्रहरी है। यह वह आईना है जो आपका चेहरा समाज को दिखाता है। आईना कभी झूठ नहीं बोलता, इसलिए हमें भी आईने के सामने झूठ नहीं बोलना है। कार्यकर्ता का आचरण ही संगठन का ‘प्रेस नोट’ है।” कार्यकर्ताओ को -मीडिया से जुड़े व्यवहार के पंच-सूत्र दिए जिनमें पहला सूत्र सत्य का सूत्र बताया। “ब्रेकिंग न्यूज के पीछे भागने की बजाय बैकिंग न्यूज’ यानी तथ्यों की बैंक बनाओ। सच सबसे बड़ा एडिटोरियल है। 2014 में विपक्ष ने ‘सूट-बूट की सरकार’ नैरेटिव चलाया, हमने ‘शौचालय-गैस-आवास’ के तथ्य रखे। जनता ने सच को चुना।” दूसरा सूत्र संयम को बताते हुए कहा एंकर उकसाए तो उबलो मत, मुस्कुराओ। याद रखो, एक झुंझलाहट की क्लिप, 10 साल की तपस्या पर पानी फेर सकती है। पश्चिम बंगाल में हमारे कार्यकर्ता लाठी खाकर भी कैमरे पर ‘भारत माता की जय’ बोले—वही क्लिप बंगाल जीत की नींव बनी।”सम्मान को तीसरा सूत्र बताते हुए कहा “पत्रकार लोकतंत्र का सिपाही है। उनसे निरंतर संवाद रखते हुए उनसे सम्मानजनक व्यवहार रखो पूरी बात सुनते हुए अपनी बात रखो। संयम के साथ संबंध बनाओ। समय को चौथा सूत्र बताते हुए कहा “मीडिया 24×7 है, कार्यकर्ता 25×8 होना चाहिए। खबर का डेडलाइन मत पूछो, अपनी तैयारी डेडलाइन से पहले रखो। उड़ीसा चुनाव में रात 2 बजे बाइट दी गई, सुबह वो हेडलाइन बनी और सरकार बनी।” संवेदना को अंतिम सूत्र बताते हुए कहा कैमरे के सामने सिर्फ पार्टी का पक्ष नहीं, पीड़ित का पक्ष रखो। दिल्ली दंगों में हमारे कार्यकर्ता राहत कैंप में खाना बांट रहे थे—मीडिया ने खुद स्टोरी की। सेवा स्वयं ‘मीडिया मैनेजमेंट’ है।”

श्री ठोकने ने कहा, “टीवी डिबेट में जाने से पहले विषय, तथ्य और मर्यादा तीनों पर होमवर्क आवश्य है। कार्यकर्ता TRP के लिए नहीं, ‘भारत’ देश के लिए जाते हैं। विपक्षियों के चिल्लाने से चैनल चलता होगा ,लेकिन हमारे समझाने से देश चलता है।” उन्होंने उदाहरण दिया, “कोविड में जब विपक्ष वैक्सीन पर भ्रम फैला रहा था, हमारे बूथ कार्यकर्ता ने मोबाइल वैक्सीनेशन वैन की फोटो मीडिया को दी। वही ‘पॉजिटिव फ्रेम’ बन गई। मीडिया प्रबंधन का अर्थ है—सच को समय पर, सलीके से समाज तक पहुंचाना। संवाद से समाधान को भाजपा का डीएनए बता कर सत्र का समापन करते हुए उन्होंने कहा, “चाणक्य ने कहा था—‘राजा का पहला धर्म है प्रजा से संवाद।’ भाजपा उसी संवाद-धर्म का निर्वहन कर रही है। इसलिए मीडिया से मित्रवत व्यवहार रखना आवश्यक है आचरण साफ होगा तो आईना खुद-ब-खुद साफ तस्वीर दिखाएगा। अध्यक्षता कर रहे प्रदेश स्थाई आमंत्रित सदस्य सुभाष पाण्डेय जी ने कहा कि श्री ठोकने के 5 सूत्र हर मंडल-सेक्टर तक पहुंचाए जाएंगे ताकि 2027 में ‘कमल का संदेश’ बिना शोर के हर घर पहुंचे। पूरा हॉल ‘सत्यमेव जयते’ और ‘संगठन की जय’ के नारों से गूंज उठा।



