
रायगढ़। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत कार्य करने वाले विकासखंड बरमकेला के महिला स्व सहायता समूहों को वर्षों से लंबित भुगतान नहीं मिलने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत महिला समूहों ने मुख्यमंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक, कलेक्टर तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भुगतान की मांग की है।
महिलाओं द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में दिसंबर 2020 से दिसंबर 2023 तक विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण सामग्री एवं पोषण आहार वितरण का कार्य किया गया था। समूहों का कहना है कि विभागीय निर्देशों के अनुरूप कार्य पूरा होने के बाद सभी बिल एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कर दिए गए थे, लेकिन जून 2022 से अगस्त 2022 तक की राशि अब तक लंबित है।
महिला समूहों ने सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त विभागीय पत्र का हवाला देते हुए बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं किया जा सका। करीब चार वर्षों से भुगतान अटका होने के कारण महिला समूहों की सदस्य आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। कई महिलाओं ने सामग्री क्रय करने के लिए ऋण लिया था, जिसका बोझ आज भी उन पर बना हुआ है।
ज्ञापन में दर्जन भर से अधिक महिला समूहों ने लंबित राशि का तत्काल भुगतान, मामले की जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा है कि महिला स्व सहायता समूहों के हित में शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों से जूझ रही महिलाओं को राहत मिल सके।



