पुसौर अधिकारियों की निष्क्रियता से सुशासन तिहार शिविर में उमड़ी भीड़, बड़े भंडार मे आवेदन लेने से भी किया गया इंकार !

रायगढ़/पुसौर। जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम बड़े भंडार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में प्रशासनिक अव्यवस्था और अधिकारियों की निष्क्रियता खुलकर सामने आई। शिविर में करीब 20 गांवों से बड़ी संख्या में जरूरतमंद ग्रामीण पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, राजस्व संबंधी समस्याओं तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे थे। जहाँ लोग शाम 4 बजे से ही ग्रामीणों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे शिविर स्थल पर भारी भीड़ का माहौल बन गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जनपद पंचायत पुसौर के सीईओ एवं राजस्व विभाग के अधिकारी आम जनता की समस्याओं के समाधान में नियमित रुचि लेते, तो लोगों को इस प्रकार एक ही शिविर में भारी संख्या में आवेदन लेकर पहुंचने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिविर में सबसे अधिक आवेदन पंचायत एवं राजस्व विभाग से संबंधित बताए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में इन विभागों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है।

आरोप यह भी लगा कि जनपद सीईओ पुसौर तथा संबंधित नोडल अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण कई गांवों से आए लोगों के आवेदन प्रारंभ में लेने से मना किया जा रहा था। दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण घंटों तक परेशान होते रहे। इससे आम लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
स्थिति तब बदली जब कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आगे आकर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया और अधिकारियों से सभी लोगों के आवेदन लेने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने आवेदन स्वीकार करना शुरू किया, तब जाकर ग्रामीणों को कुछ राहत मिली।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारी गांव स्तर पर नियमित जनसमस्याओं का निराकरण करें, ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ पाने के लिए इस प्रकार परेशान न होना पड़े।



