रातभर खुला रहा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हाईस्कूल भवन कोतरा ,प्राचार्य कक्ष भी मिला खुला — ग्रामीणों में चर्चा और संदेह का माहौल ?


रायगढ़। विकासखंड रायगढ़ अंतर्गत स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, कोतरा में सोमवार की रात एक हैरान करने वाली स्थिति सामने आई। रात करीब 10:30 बजे ग्रामीणों ने देखा कि हाईस्कूल भवन के कई कक्षों सहित प्राचार्य कक्ष का दरवाजा खुला हुआ है तथा अंदर बिजली की लाइटें और पंखे चल रहे हैं। देर रात स्कूल परिसर की यह स्थिति देखकर ग्रामीणों में चिंता और आशंका का माहौल बन गया।


ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्कूल के चौकीदार, ग्राम सरपंच एवं अन्य जिम्मेदार लोगों को दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान हाईस्कूल के विभिन्न कक्षों के साथ-साथ प्राचार्य कक्ष भी खुला पाया गया। विद्यालय में महत्वपूर्ण शैक्षणिक अभिलेख, परीक्षा संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक रिकॉर्ड रखे होने के कारण ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत कोतरा की सरपंच पूर्णिमा रामकुमारी पटेल, उपसरपंच अजय पाल डनसेना, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष मगनलाल पटेल, बीडीसी सदस्य शुभम पटेल, शिक्षक यज्ञ कुमार पटेल, शाला प्रबंधन समिति सदस्य सुनील सारथी, चौकीदार शुभम बर्मन, लैनकुमारी तथा ग्राम कोटवार की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद सभी खुले कमरों को बंद कर ताला लगाया गया तथा चाबी चौकीदार को सौंप दी गई।
ग्रामीणों द्वारा पूछताछ किए जाने पर चौकीदार ने बताया कि उसे केवल माध्यमिक विद्यालय की चाबी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाईस्कूल भवन की चाबी और उसके बंद होने की व्यवस्था उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य रामचरण नवनीत ने बताया कि सामान्यतः हाईस्कूल भवन के कक्षों को बंद करने की जिम्मेदारी विद्यालय की महिला स्वीपर निभाती है। उन्होंने कहा कि उस दिन भवन खुला कैसे रह गया, इसकी जानकारी ली जा रही है और संबंधित कर्मचारी से चर्चा की जा रही है।
घटना के बाद गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। रातभर स्कूल भवन और प्राचार्य कक्ष का खुला रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था में हुई इस बड़ी चूक पर क्या कार्रवाई की जाती है।



