विकासखंड पुसौर के माध्यमिक शाला पचेड़ा में एकल शिक्षक के भरोसे पढ़ाई, विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट !

रायगढ़ :- विकासखंड पुसौर अंतर्गत माध्यमिक शाला पचेड़ा में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। विद्यालय में पदस्थ प्रधान पाठक लंबी चिकित्सा अवकाश पर हैं, जबकि शिक्षिका रोशनी पटेल 89 दिनों के संतान पालन अवकाश पर चली गई हैं। ऐसी स्थिति में विद्यालय में केवल एक शिक्षक के भरोसे शैक्षणिक व्यवस्था संचालित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी शिक्षक को लंबी अवधि की चिकित्सा या संतान पालन अवकाश स्वीकृत की जाती है, तब शिक्षा विभाग को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित विद्यालय में पढ़ाई बाधित न हो। यदि किसी विद्यालय में शिक्षकों की संख्या पहले से सीमित है, तो वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था समय पर की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।
माध्यमिक शाला पचेड़ा में वर्तमान स्थिति के चलते विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं, विषयवार अध्ययन तथा शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। अभिभावकों का भी कहना है कि एक शिक्षक के लिए सभी कक्षाओं और विषयों का संचालन करना चुनौतीपूर्ण है।
अब सवाल यह उठता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की बात करने वाला शिक्षा विभाग इस समस्या का समाधान कब तक करेगा। क्या जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था कर विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु बना पाएंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
जनता के सवाल:
क्या लंबी अवधि के अवकाश पर गए शिक्षकों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था करना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है?
क्या पचेड़ा के विद्यार्थियों को समय पर शिक्षक उपलब्ध हो पाएंगे या उनकी पढ़ाई इसी तरह प्रभावित होती रहेगी?



