प्रधानमंत्री आवास 2.0 की दावा-आपत्ति अवधि पर उठे सवाल: 7 दिन का समय, लेकिन 3 दिन शासकीय अवकाश, हितग्राहियों को कैसे मिलेगा पूरा अवसर?

रायगढ़। जिला पंचायत रायगढ़ के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आवास 2.0 के तहत जारी संभावित हितग्राही सूची पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए 16 से 22 जुलाई तक 7 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में पात्र हितग्राही ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत कार्यालय में पहुंचकर सूची का अवलोकन कर सकते हैं तथा आवश्यक होने पर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि निर्धारित 7 दिनों की अवधि में से 3 दिन शासकीय अवकाश पड़ रहे हैं, जिससे वास्तविक रूप से दावा-आपत्ति के लिए केवल 4 कार्य दिवस ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। ऐसे में दूरस्थ गांवों के हितग्राहियों को सूची देखने, जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई पंचायतों में अभी तक सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हुआ है। न तो मुनादी कराई गई और न ही अधिकांश लोगों को दावा-आपत्ति की प्रक्रिया की जानकारी मिल पाई है। ऐसे में बड़ी संख्या में पात्र परिवार सूची में अपना नाम होने या न होने की जानकारी से वंचित रह सकते हैं।
जानकारों का मानना है कि आवास जैसी महत्वपूर्ण योजना में दावा-आपत्ति की अवधि कम से कम एक सप्ताह के कार्य दिवसों की होनी चाहिए, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिल सके। जल्दबाजी में जारी आदेश और सीमित समय सीमा के कारण यदि कोई पात्र हितग्राही सूची से वंचित रह जाता है, तो बाद में उसका नाम जोड़ना कठिन हो सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं आवास विभाग से मांग की है कि दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाई जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक सूचना प्रसारित कर सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जनता के सवाल:
जब 7 दिनों की अवधि में 3 दिन शासकीय अवकाश हैं, तो क्या मात्र 4 कार्य दिवसों में सभी हितग्राहियों को दावा-आपत्ति का पर्याप्त अवसर मिल पाएगा? यह सवाल अब ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है।



