राजनीतिक शुचिता की नई उम्मीद: रामचंद्र शर्मा का जनसेवा दृष्टिकोण !


रायगढ़:- वर्तमान राजनीति व उम्मीदों का भविष्य… रामचंद्र शर्मा
नैतिकता पूर्ण राजनीति तो शायद अंतिम मंजिल है पर उसके रास्ते में कई पड़ाव भी हैं, वह है राजनीतिक शुचिता। राजनीतिक शुचिता ऐसी कि जनता के साथ मिलकर और जनता को साथ लेकर चलना और उसे उन्नति के पथ पर अग्रसर करना है । कहते हैं पढऩे लिखने वाला विद्वान व्यक्ति,एक कुशाग्र बुद्धि वाला व्यक्ति यदि संतुष्ट हो जाए तो उसका व उस समाज का जहां वह रहता है उन दोनों का विकास अवरुद्ध हो जाता है। एक कुशाग्र बुद्धि वाले व्यक्तित्व की प्रवृत्ति ही होती कि वह सदैव अग्रगामी गतिशील व रचनात्मक होता है। शहर में बच्चों युवाओं तथा तमाम आयु वर्गो के बीच एक आईकान के रूप में उभर रहे श्री रामचंद्र शर्मा जी की सोच है कि, वर्तमान समय में हमारे देश को जरूरत है तो केवल जनता को जगाने की और यह बताने की आज भी क्यों बिजली पानी और महंगाई तथा भ्रष्टाचार पर वोट मांगे जा रहे हैं? जबकि लगभग वही पार्टियां आजादी के बाद से राजनीति कर रही हैं चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष में। हालात आज भी वैसे ही है।आज जरूरत है बदलाव की। आपकी नियत साफ हो आप लोगों को जाति धर्म क्षेत्रवाद के मुद्दे पर ना बाटे तो जीत आपकी ही होनी है। अब आप इसे राजनीतिक शुचिता कहें अथवा आज के समय की मांग। अगर आप ऐसी राजनीतिक शुचिता हर हालत में बरकरार रख रहे हो तो भविष्य में आपकी जीत सुनिश्चित है। आज शहर प्रदेश देश सभी जगह यह हालात हैं कि राजनीतिक शुचिता की जड़े थामे किसी ऐसे व्यक्तित्व को पनपने ही ना दें जो भविष्य में आपके के लिए खतरा बने। ऐसे समय में जब राजनीतिक और सामाजिक मूल्यों में समय के साथ गिरावट आई है, जहां आज लीडर व्यक्तिगत हितों को सर्वोपरि मानकर चलते हैं ,जिसकी वजह से वे समाज से कटे रहते हैं, जिनकी कथनी और करनी में अंतर होता है, राजनीति में अवसरवादी का हावी है,ऐसे में.. आज वास्तव में रामचंद्र शर्मा जैसे व्यक्तित्व की जरूरत है जिनकी बेदाग छवि व्यापक दृष्टिकोण सकारात्मक सोच स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता व राजनीतिक शुचिता का लाभ आमजन को मिल सके..। आदरणीय शर्मा जी आपके उज्जवल भविष्य की कामना व सुखी समृद्ध जीवन की बधाइयां व शुभकामनाओं के साथ जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएं…
हेम सागर श्रीवास, पत्रकार



