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जीएसटी प्रशासन में छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना*

 

*वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से जीएसटी की राष्ट्रीय लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*

*देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को मिला प्रतिनिधित्व, व्यापारियों और उद्योगों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का मिलेगा अवसर*

*मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स से कर प्रशासन को बनाया जा रहा अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित*

*केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के नवाचार, अन्य राज्यों को भी अनुभवों से सीख लेने के लिए किया गया प्रोत्साहित*

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में जीएसटी प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ द्वारा कर प्रशासन में सुधार के लिए अपनाई गई तकनीकी पहलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा किया गया। इसके साथ ही वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। इससे प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत की समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जीएसटी परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया।

*छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचार बने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय*

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जीएसटी प्रशासन को अधिक सरल, सटीक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। राज्य में मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और अन्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से कर प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं।

इन तकनीकी नवाचारों का उद्देश्य कर संबंधी आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण करना, कर अनुपालन में सुधार लाना, संभावित कर अनियमितताओं की समय पर पहचान करना तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के साथ करदाताओं को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

*केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के नवाचार*

जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में लागू तकनीक आधारित सुधारों पर तैयार प्रस्तुतीकरण राजस्व सचिव द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुतीकरण को देश के सभी राज्यों के साथ भी साझा किया गया।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि किस प्रकार मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कर प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर उपयोग कर कर अनुपालन को मजबूत बनाने, संभावित अनियमितताओं की पहचान करने और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिल सकती है।

छत्तीसगढ़ की इन पहलों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी राज्य के अनुभवों से सीख लेने तथा अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इन तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इन नवाचारों को इससे पूर्व राष्ट्रीय समन्वय समिति की छठी बैठक में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

*राष्ट्रीय जीएसटी लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*

जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, व्यावहारिक और व्यापार अनुकूल बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में शामिल किया गया है।

देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को इस समिति में प्रतिनिधित्व मिलने से जीएसटी कानूनों और प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।

जीएसटी लॉ कमेटी कर कानूनों, नियमों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। इस समिति में विभिन्न राज्यों के अधिकारी कर कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कठिनाइयों, कानूनी प्रावधानों की व्याख्या से संबंधित मुद्दों तथा व्यापार एवं उद्योग जगत की समस्याओं पर चर्चा करते हैं।

*प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगों की आवाज राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी*

लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व मिलने से प्रदेश के व्यापारियों, औद्योगिक संगठनों, कर सलाहकारों और विभिन्न व्यापारिक संस्थाओं की समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

राज्य में जीएसटी कानूनों के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, प्रक्रियागत जटिलताओं और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े विषयों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर समिति के समक्ष रखा जा सकेगा। इन विषयों के परीक्षण और विचार-विमर्श के आधार पर आवश्यक सुझाव जीएसटी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकेंगे।

इससे छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग जगत की अपेक्षाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कर नीति एवं प्रक्रियाओं से संबंधित विचार-विमर्श में स्थान मिलेगा। साथ ही जीएसटी व्यवस्था को अधिक स्पष्ट, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य अपनी भूमिका निभा सकेगा।

*तकनीक आधारित कर प्रशासन और व्यापार सुगमता को मिलेगा बढ़ावा*

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में कर प्रशासन के आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचारों और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कर संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण, विभागीय निगरानी और कर अनुपालन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ने के साथ करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

*राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की बढ़ती भागीदारी*

जीएसटी प्रशासन में छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना और लॉ कमेटी में राज्य को प्रतिनिधित्व मिलना कर प्रशासन के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

एक ओर राज्य के तकनीकी नवाचारों और अनुभवों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय लॉ कमेटी में भागीदारी से छत्तीसगढ़ को जीएसटी कानूनों एवं प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इन दोनों पहलों से छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित कर प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ व्यापारियों और उद्योगों के लिए अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक जीएसटी व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

Editor Hemsagar shrivas

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