LIVE TVअपराधदेशधर्मब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य

गरीबी या मजबूरी* कब मिटेगी गरीबी, मिलेगी सबको दो वक्त की रोटी

*गरीबी या मजबूरी*
कब मिटेगी गरीबी, मिलेगी सबको दो वक्त की रोटी
इसके लिए हर दिन हम सब नया अभियान चलाते हैं,
प्रिंट,इलेक्ट्रानिक मीडिया में फोटो विज्ञापन लगाकर
हम जनता के करोड़ों रूपये तो संसद में खा जाते हैं!

जब निकलते हैं गाँव, शहर, नगर, महानगर की ओर
दिख जाते हैं कचरें में अकेले या भीड़ में करते शोर,
आखिर कहां जाता है टैक्स का पैसा और योजनाएं ?
आत्मा तिलमिला जाती है कब होगा इनके लिए भोर!

ये ऊपर उठना नहीं चाहते या हम उठाना नहीं चाहते
ये लोग हमारे साथ में बैठे या हम बैठाना नहीं चाहते,
कुछ तो होता होगा गड़बड़ घोटाला इस संसार में जी
जिसे हम लोग जान बूझकर भी बताना नहीं चाहते!

अगर पढ़ लिख जायेंगे अधिकार के लिए लड़ जायेंगे
ये खुद आगे बढ़ेंगे और अपने बच्चों को भी बढ़ायेंगे,
फिर कोई कभी भी इनको बेवकूफ नहीं बना पायेंगे,
इनकी आड़ में होती है हेरा फेरी जनता जान जायेंगे!

इस कलयुग में ऐसी कोई तो सरकार हमारे देश में लाएं
अन्नपूर्णा की कृपा से इनको भरपेट भोजन पानी दे पाएं
फुटपाथ, गरीबी की जीवन यापन से मुक्त हो ये लोग
इन सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य,रोजगार घर में मिल जाएं!

तुलेश्वर कुमार सेन
सलोनी राजनांदगांव

Editor Hemsagar shrivas

Related Articles

Back to top button