मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में महिला समूहों को सौंपी रेडी टू ईट निर्माण की जिम्मेदारी



रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को रायगढ़ जिले के दौरे के दौरान “रेडी टू ईट” निर्माण कार्य का जिम्मा पुनः महिला समूहों को सौंपते हुए कहा कि यह कार्य अब फिर से महिलाओं को सौंपा जा रहा है, जिसे पिछली कांग्रेस सरकार ने उनसे छीन लिया था।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए और कहा कि भाजपा सरकार “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत जनता से किए गए वादों को पूरा कर रही है।

सीएम साय ने कहा, “कांग्रेस ने चरण पादुका योजना बंद कर दी थी, जिसे फिर से शुरू किया गया है। प्रदेश की पंचायतों को डिजिटल किया जा रहा है जिससे ग्रामीणों को एक स्थान पर सभी सरकारी सेवाएं मिल सकें।”
गुरु पूर्णिमा के दिन हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ आश्रम में बाबा प्रियदर्शी राम के दर्शन भी किए। उन्होंने बताया कि रेडी टू ईट का पायलट प्रोजेक्ट राज्य के 6 जिलों में शुरू किया जाएगा और इसके माध्यम से महिलाओं को फिर से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम में कहा कि, “कांग्रेस सरकार ने यह कार्य बड़े ठेकेदारों को सौंप दिया था, जिससे महिला समूहों का हक छीन लिया गया। भाजपा सरकार बनते ही यह कार्य वापस माताओं-बहनों को सौंपा गया है।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ जिले के 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट कार्यक्रम अंतर्गत अनुबंध पत्र का वितरण किया। इनमें नीलम संजय-नायरा महिला स्व-सहायता समूह रायगढ़ शहरी, लक्ष्मी साहू-प्रगति महिला स्व-सहायता समूह कोतरलिया रायगढ़ ग्रामीण, चंपा चौहान-सरस्वती स्व-सहायता समूह डुमरमुड़ा पुसौर, पुनिता-रिया महिला स्व-सहायता समूह झाराडीह खरसिया, दीपिका गुप्ता-जगन्नाथ स्व-सहायता समूह सराईपाली तमनार, सनकुंवर राठिया-देवी महिला स्व-सहायता समूह चिलकागुड़ा घरघोड़ा, रंभा बाई पैंकरा-सरस्वती स्व-सहायता समूह कुंजारा लैलूंगा, जानकी पटेल-शक्ति स्व-सहायता समूह पीपराही लैलूंगा, छुरपति राठिया-मां अम्बे स्व-सहायता समूह बायसी विकासखण्ड धरमजयगढ़ एवं निर्मला नाग-लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह कापू धरमजयगढ़ शामिल है।
यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।




