
रायगढ़। जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में किए जा रहे निरीक्षण को लेकर क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन पंचायतों में जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण हो चुके हैं अथवा अंतिम चरण में हैं, वहां निरीक्षण करने की बजाय उन पंचायतों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए जहां आज भी योजना के कार्य अधूरे पड़े हुए हैं।
जनपद पंचायत पुसौर क्षेत्र के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइनें अधूरी अवस्था में हैं। कई स्थानों पर पाइप कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं हुआ है, वहीं कहीं-कहीं पाइप टूट-फूट की स्थिति में पड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ अभी तक सभी पात्र परिवारों तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल निरीक्षण कर फोटो खिंचवाने और उसकी जानकारी उच्च स्तर पर भेज देने से विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति नहीं बदलती। आवश्यकता इस बात की है कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन के कार्य अधूरे हैं, वहां अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की जाए तथा संबंधित एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएं।
क्षेत्र के लोगों ने यह भी मांग की है कि जल जीवन मिशन के साथ-साथ अन्य विकास योजनाओं की भी जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच हो, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। ग्रामीणों का मानना है कि जब तक अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देकर पूरा नहीं कराया जाएगा, तब तक गांवों में विकास की गति अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगी।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की इस मांग को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।



