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पुसौर दर्रामुड़ा निवासी पीड़िता ने राजस्व अधिकारियों पर जांच प्रतिवेदन नहीं देने का लगाया आरोप!

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने का आरोप, न्याय नहीं मिलने पर कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह की चेतावनी

रायगढ़/पुसौर। रायगढ़ जिले के पुसौर तहसील अंतर्गत ग्राम दर्रामुड़ा की एक पीड़िता ने राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्षों से शिकायत और आवेदन देने के बावजूद आज पर्यन्त तक उन्हें किसी प्रकार का जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़प लिया गया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़िता ने बताया कि पटवारी हल्का नंबर-7 के अंतर्गत स्थित खसरा नंबर 335/1 एवं 344/1 की कृषि भूमि उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है, जिस पर वर्षों से उनका कब्जा एवं खेती-किसानी होती रही है। वर्तमान में परिवार के सदस्य रोजगार के कारण गांव से बाहर रहते हैं, लेकिन समय-समय पर खेती की देखरेख के लिए गांव आते रहते हैं।
परिवार का आरोप है कि रितेश अग्रवाल नामक व्यक्ति ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि पर अपना दावा प्रस्तुत किया और वहां बाउंड्री वॉल का निर्माण करा दिया हैँ। साथ ही भूमि पर डस्ट डालकर उसे समतल कराने का कार्य भी कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें अपनी ही जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा है।
पीड़िता के अनुसार उन्होंने इस मामले को लेकर कई बार हल्का पटवारी, तहसील कार्यालय पुसौर तथा जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद न तो समस्या का समाधान किया गया और न ही राजस्व अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। परिवार का आरोप है कि जिला कलेक्टर कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद भी मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।

राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध जांच कर कार्रवाई की जाती तो विवाद इतना नहीं बढ़ता। उनका आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण उन्हें लगातार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आत्मदाह की चेतावनी
न्याय नहीं मिलने से आक्रोशित पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे अपने परिवार सहित रायगढ़ कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने, जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक करने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप और चेतावनी को किस प्रकार लेता है तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

Editor Hemsagar shrivas

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