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खरसिया विधानसभा क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर: महतारी वंदन और बिहान योजना से आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ रहीं ग्रामीण महिलाएं !

 

कुकरी चोली तेंदुमुड़ी और छोटे जामपाली की महिलाओं ने योजनाओं को बताया आर्थिक मजबूती का आधार

खरसिया। विकासखंड खरसिया के ग्राम कुकरी चोली, तेंदुमुड़ी और छोटे जामपाली में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर महतारी वंदन योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत संचालित बिहान योजना की भूमिका चर्चा में है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
महिलाओं के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। वहीं, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान कार्यक्रम से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को सामूहिक गतिविधियों, आजीविका संवर्धन और आर्थिक रूप से मजबूत बनने के अवसर मिल रहे हैं।
CLF राशि से महिला समूहों को आगे बढ़ने का अवसर
बिहान योजना के अंतर्गत महिला समूहों और उनके संगठनों को नियमानुसार उपलब्ध कराई जाने वाली सामुदायिक निवेश निधि (CIF) ग्रामीण महिलाओं की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इस राशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आजीविका और समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए किया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से आगे बढ़ने, बचत की आदत विकसित करने और आजीविका के नए अवसर तलाशने की दिशा में प्रयास कर रही हैं। इससे गांवों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।
महिलाओं ने की महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना
ग्राम कुकरी चोली, तेंदुमुड़ी और छोटे जामपाली की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना तथा बिहान कार्यक्रम से मिल रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली योजनाएं परिवार और समाज में उनकी भूमिका को और सशक्त कर सकती हैं।
महिलाओं ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली सरकार के रूप में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ग्रामीण महिलाओं का मानना है कि आर्थिक सहयोग के साथ रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार होने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में और आगे बढ़ सकती हैं।
ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने, आजीविका के अवसर प्राप्त करने और परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान देने के लिए सक्षम बनाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

Editor Hemsagar shrivas

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