लोकतंत्र में विरोध के अधिकार का सम्मान.. अराजकता स्वीकार्य नहीं – विपक्ष विदेशी साजिश से भारत में बांग्लादेश जैसे हालात बनाना चाहता है – मंत्री ओपी चौधरी*

भारत में हर 5 साल में चुनाव होते हैं, असहमति जताने के सारे कानूनी मंच हैं, फिर अराजकता क्यों? – वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पूछा*
रायगढ़ :- भारत के लोकतंत्र और विकास यात्रा को लेकर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मीडिया को दिए बयान में विपक्ष और विदेशी ताकतों की साजिश पर कड़ा प्रहार किया।
ओपी चौधरी ने कहा कि भारत में हर प्रक्रिया लोकतांत्रिक है, लोकतंत्र की जड़ें बहुत मजबूत हैं। भारत में हर 5 साल में चुनाव होते हैं। चुनाव के जनता सरकारों की जवाबदेही तय कर देती है।चुनाव के अलावा असहमति को अभिव्यक्त करने के और भी मंच है
जहां वैधानिक तरीके से जनता के मध्य बाते रखी जा सकती है। लेकिन विरोध की आड़ के अराजकता फैलाना कतई स्वीकार्य नहीं हो सकता। देश की अर्थव्यवस्था सहित आम जनता को नुकसान पहुंचाने का यह तरीका लोकतांत्रिक नहीं है। देश के विकास के लिए लॉ एंड ऑर्डर जरूरी बताते हुई वित्त मंत्री ने कहा अगर देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो कानूनी प्रक्रियाए अपना कर, कानून व्यवस्था को लागू करना आवश्यक है। देश में आंतरिक शांति और स्थिरता से निवेश आकर्षित होते है। उद्योगों के स्थापित होने से, रोजगार पैदा होंगे और युवा लाभान्वित होगे। ओपी चौधरी ने कहा विपक्ष विदेशी षड्यंत्रों के साथ बांग्लादेश-नेपाल जैसी स्थिति बनाना चाहता है। इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा विपक्ष कुछ विदेशी ताकतों के साथ मिलकर षड्यंत्रों कर रहा ताकि भारत में बांग्लादेश, नेपाल जैसी स्थितियां उत्पन्न की जा सके। बांग्लादेश मनेपाल में चुनी हुई सरकारों को गिरा कर अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया गया। वही मॉडल आज कुछ लोग भारत में लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य विरोध नहीं, यह देश की स्थिरता पर हमला है। 2047 तक विकसित भारत के लिए एकजुटता की अवश्यकता बताते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि पूरे देशवासियों को मिलकर इस स्थिति से देश को बचना होगा।तभी भारत विश्व शक्ति बनने की दिशा में, 2047 तक विकसित भारत बनने के अपने दीर्घकालिक रोडमैप में अपने अल्पकालिक, मध्यकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए आगे बढ़ पाएगा।लोकतंत्र में विरोध का अधिकार देता है लेकिन अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं देता



