रायगढ़ विधानसभा और खरसिया विधानसभा के संयुक्त ब्लॉक पुसौर में गरीब हितग्राही को राशन कार्ड के लिए चक्कर काटना मजबूरी?

रायगढ़ :- छत्तीसगढ़ में सरकार किसी का भी हो आखिरकार जमीनी स्तर में आम जनता को ही अपने अधिकार के लिए मशक्त करना पड़ता है। क्यो की जिम्मेदार अधिकारी जैकेट के सहारे मस्त रहते है गांव के गरीब आदमी इस लोकतंत्र में अपना एक – एक अधिकार के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाता ही रहता है ताकि उसका जीवन का छोटा से छोटा काम कम से कम हो जाए जो शासन के योजना के अधीन हो जिसमें स्वयं पात्र हितग्राही हो। लेकिन कहा भाई साहब शासन प्रशासन में तो योजनाएं बन जाती है लेकिन धरातल पर आम जनता उसके लाभ पाने के लिए इधर उधर जैकेट वालो के इशारे में भटकते नजर आते है।
हम बात कर रहे है ऐसा ब्लॉक जो दो विधानसभा क्षेत्र का संयुक्त ब्लॉक मान सकते है। आए दिन यहां खाद्य विभाग के अंतर्गत आने वाले राशन वितरण की बात हो या नवीन राशन कार्ड, नाम काटने और जोड़ने और राशन कार्ड पी डी एफ की बात हो । हितग्राहियों के आवेदन के अनुरूप कभी भी उक्त कार्य समय सीमा में पूरी नहीं होती है। जनपद पंचायत पुसौर और ग्राम पंचायतों से नियमानुसार खाद्य विभाग को आवेदन भेज दिया जाता हैं। जो शासन के खाद्य विभाग के नियमानुसार आवेदन ग्राम पंचायतों से सचिव के माध्यम से जनपद पंचायत पुसौर में जमा किया जाता है जिसे जनपद के द्वारा जिला कलेक्ट्रेट खाद्य विभाग को प्रेषित की जाती है। लेकिन महीनो तक राशन कार्ड संबंधित कार्य लंबित ही रहता है। जबकि वर्तमान में गांव गांव में पंचायतों के माध्यम से सैकड़ों राशन कार्ड संबंधित पात्र आवेदन आए है। लेकिन आज पर्यंत तक शासन प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद गरीब पात्र हितग्राही अनाज के लिए तरसते नजर आते है। साहब कम से कम मंत्री क्षेत्र के हितग्राहियों के लिए तरस खाइए जो अपने अधिकारों के लिए उन्हें वंचित होना पड़ रहा है।
हां एक बात और है आप विधायक या मंत्री के आदमी हो या नेताओ का जूता पॉलिश करते हो तो जरूर खाद्य विभाग रायगढ़ में आपका पी डी एफ , राशन कार्ड संबंधित कार्य त्वरित होगा।
अब देखना है की पुसौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत त्रिभोना के जनसमस्या शिविर में कितने जनहित समस्याएं सुलझते नजर आते है।



