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रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों का शुभारंभ….अब घर बैठे होगी रजिस्ट्री

                           रायपुर /  : छत्तीसगढ़ में जब से भाजपा की डबल इंजन सरकार बनी है जनता की सुविधाओं  को ध्यान में रख कर नई-नई योजनाओं और पुराने योजनाओं को सरल बनाने के नियमों में बदलाव के साथ ही तरह-तरह के कार्य किया जा रहे हैं ताकि आम जनता को आसानी से लाभ मिल सके।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शुभारंभ की गई पंजीयन विभाग की ये 10 नई क्रांति डिजिटल एवं सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से आम नागरिकों को अधिक सुविधा , पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा प्रदान करेंगी। शुभारंभ में उद्योग मंत्री लखन लाल  देवांगन , राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी उपस्थित थे।रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने रजिस्ट्री से जुड़ी 10 नई तकनीकी सुविधाओं का शुभारंभ किया घर बैठे।ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिकॉर्ड, कैशलेस पेमेंट, डिजीलॉकर सुविधा से लेकर ऑटोमेटिक नामांतरण तक, अब हर काम चुटकियों में हो जाएगा।

अब गवाहों की जरूरत नहीं, क्योंकि रजिस्ट्री में आधार से जुड़े बायोमेट्रिक पहचान की सुविधा शुरू हो गई है। इससे फर्जीवाड़े पर सीधी रोक लगेगी।संपत्ति का इतिहास ऑनलाइन सर्च करें, और शुल्क जमा कर रजिस्ट्री की कॉपी घर बैठे डाउनलोड करें।

क्या संपत्ति पर कर्ज या बंधक है? इसका भारमुक्त प्रमाणपत्र भी अब ऑनलाइन मिल जाएगा कैशलेस भुगतान की सुविधा भी लागू हो गई है। अब स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड से सीधे जमा होंगे।

WhatsApp पर मिलेंगी रियल टाइम अपडेट्स। दस्तावेज़ की स्थिति और स्लॉट बुकिंग की जानकारी अब तुरंत मिलेगी।

रजिस्ट्री के दस्तावेज़ डिजीलॉकर में सेव होंगे, जिससे किसी भी वक्त डिजिटल कॉपी पाना आसान होगा।

ऑटो डीड जनरेशन से दस्तावेज़ खुद तैयार होंगे, और उन्हें पेपरलेस तरीके से जमा किया जा सकेगा।

डिजी-डॉक्यूमेंट सुविधा से शपथ पत्र और अनुबंध जैसे दस्तावेज़ भी ऑनलाइन बनेंगे।

सबसे खास – अब घर बैठे पंजीयन संभव है। केवल ₹500 में कुछ मामलों में पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया घर से ही पूरी की जा सकेगी।

और अंत में – अब नामांतरण के लिए महीनों नहीं लगेंगे। रजिस्ट्री होते ही अपने-आप नाम बदल जाएगा राजस्व रिकॉर्ड में।

घटना की जानकारी मिलते ही लोगों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया।
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और हरियाणा जैसे राज्यों की तर्ज़ पर अब छत्तीसगढ़ भी डिजिटल रजिस्ट्री के युग में शामिल हो गया है।

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है, वहीं बिचौलियों की भूमिका खत्म होने से राहत की सांस ली गई है।
इलाके के लोगों ने कहा कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार भी घटेगा।

Editor Hemsagar shrivas

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