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तहसील पुसौर में एग्रीटेक के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप, आदिवासी किसान न्याय की तलाश में !

रायगढ़/पुसौर। तहसील पुसौर में धान पंजीयन के लिए एग्रीटेक प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का मामला सामने आया है। ग्राम दाऊभटली के एक गरीब आदिवासी किसान  एकादशिया सिदार ने आरोप लगाया है कि वन अधिकार पट्टा मिलने के बावजूद उसके भूमि का एग्रीटेक कार्य अब तक नहीं किया गया है, जबकि उसी गांव के अन्य किसानों का कार्य पूरा हो चुका है।

किसान ने बताया कि ग्राम दाऊभटली में कुल 12 किसानों को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया था। इनमें से 11 किसानों की भूमि का धान पंजीयन हेतु एग्रीटेक कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन उसके मामले में लगातार टालमटोल की जा रही है। किसान का आरोप है कि एग्रीटेक कराने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से कमीशन की मांग की जा रही है, जिसके कारण उसे बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्या तहसील में सिफारिश और कमीशन.. देरानी और जेठानी की तरह हो गया है !
परेशान होकर किसान एकादशिया  सिंदार ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। किसान का कहना है कि यदि सभी पात्र किसानों का कार्य हो सकता है तो उसके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक पात्र आदिवासी किसान को अपने अधिकार के लिए इतने चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है।
प्रश्न यह भी उठ रहा है कि क्या तहसील पुसौर में बिना सिफारिश और बिना कथित कमीशन के आम नागरिकों के कार्य समय पर हो पा रहे हैं या नहीं?  किसान की शिकायत ने एक बार फिर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Editor Hemsagar shrivas

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