
रायगढ़:- 12 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी राजस्व संग्रहण में 18% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है, जिससे यह राज्य गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक महाशक्तियों को पछाड़ते हुए देश में नंबर-1 स्थान पर पहुंच गया है। इस शानदार उपलब्धि का श्रेय जाता है प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को, जिनकी मेहनत, कुशल प्रशासनिक दृष्टि, तकनीकी नवाचार और पारदर्शी नीतियों ने यह मुमकिन किया।
💡 नवाचार और तकनीकी नेतृत्व का कमाल
ओ.पी. चौधरी जी ने जीएसटी व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
डाटा एनालिटिक्स और AI आधारित निगरानी
‘बीफा’ और ‘जीएसटी प्राइम’ जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स का उपयोग
फर्जी बिलिंग व बोगस पंजीयन पर रोकथाम हेतु त्वरित कदम
ईमानदार करदाताओं को सहूलियत और कर अपवंचन करने वालों पर सख्ती
इन कदमों से न सिर्फ राजस्व में बढ़ोतरी हुई, बल्कि कर व्यवस्था में जनता का भरोसा भी मजबूत हुआ।
🏛️ राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की चमक
दिल्ली में मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठकों में ओ.पी. चौधरी ने कर अपवंचन, बोगस फर्म रजिस्ट्रेशन और फर्जी बिलिंग के खिलाफ जो ठोस सुझाव दिए, उन्हें देशभर में सराहा गया। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान राजस्व प्रशासन के रोल मॉडल राज्य के रूप में उभरकर सामने आई है।
✨ दूरदर्शिता और जनसेवा की मिसाल
ओपी चौधरी अक्सर कहते हैं:
> “जब नीयत साफ हो और नीति सही हो, तो हर मंजिल आसान हो जाती है।”



