रतन टाटा के विचारों से प्रेरित नेत्रानंद पटेल ने रचा सफलता का नया अध्याय!


रायगढ़ :-
सामाजिक कार्यकर्ता नेत्रानंद पटेल ग्राम देलारी निवासी ने यह साबित कर दिया है कि बड़े सपने देखने वालों के रास्ते में चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन वही चुनौतियां सफलता की सीढ़ी बनती हैं। उन्होंने उद्योगपति रतन टाटा के प्रसिद्ध कथन— “जितने बड़े सपने होंगे, समस्याएं उतनी बड़ी होंगी और जितनी बड़ी समस्याएं होंगी, सफलता उससे कहीं बड़ी होगी”—को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही और उसे व्यवहार में उतार कर दिखाया।

नेत्रानंद पटेल ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने जीवन में आर्थिक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों को समान महत्व दिया है। उनका मानना है कि केवल व्यक्तिगत उन्नति ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ करना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने संघर्षों को अवसर में बदला और आज सफलता की एक नई मिसाल कायम की है।
उन्होंने बताया कि आज विश्वकर्मा भगवान के आशीर्वाद से उन्होंने एक बड़ी हाइवा गाड़ी को अपने परिवार का नया सदस्य बनाया है। यह उपलब्धि उनके लिए केवल एक व्यवसायिक सफलता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास का प्रतीक है। नित्यानंद पटेल ने इसे अपने परिवार और शुभचिंतकों के आशीर्वाद का परिणाम बताया।
नेत्रानंद पटेल ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सशक्तता बेहद जरूरी है, क्योंकि यही सामाजिक कार्यों की नींव को मजबूत बनाती है। जब व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम होता है, तभी वह समाज के लिए प्रभावी रूप से काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय रहेंगे और जरूरतमंदों की मदद के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सपने बड़े रखें, मेहनत से कभी पीछे न हटें और समस्याओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर बनाएं। नेत्रानंद पटेल की यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि समाज के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।



