पामगढ़ तहसील में घूसखोरी का विस्फोट! अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी 35 हजार लेते ACB के जाल में!

जांजगीर-चांपा।
पामगढ़ तहसील कार्यालय में वर्षों से जमी भ्रष्टाचार की गंदगी पर आखिरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने करारा प्रहार किया है। ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज कार्रवाई से पूरे तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
शासकीय काम के बदले खुलेआम मांगी जा रही थी घूस
जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारी चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी से शासकीय कार्य निपटाने के एवज में लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। बार-बार के दबाव और अवैध मांग से त्रस्त होकर पीड़ित ने साहस दिखाते हुए पूरे मामले की शिकायत सीधे ACB से की।
ACB का सटीक ट्रैप, रिश्वत लेते ही दबोचे गए अधिकारी
शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने पूरी रणनीति के साथ ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। तय योजना के अनुसार जैसे ही रिश्वत की रकम अधिकारियों को सौंपी गई, ACB की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को घूस की रकम के साथ धर दबोचा। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB द्वारा दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस घूसखोरी के खेल में अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल तो नहीं।
तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी, प्रशासन पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद पामगढ़ तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल है। आम लोगों में चर्चा है कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी ही रिश्वत में लिप्त हों, तो जनता को न्याय कैसे मिलेगा? ACB की यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा संदेश मानी जा रही है।



