पुसौर में शिक्षा तंत्र लापरवाह! विकास खंड शिक्षा अधिकारी की चुप्पी से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा !

रायगढ़। विकास खंड पुसौर के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यहां पदस्थ विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शाला भ्रमण और स्कूल परिसरों के आसपास संभावित अनैतिक गतिविधियों या बच्चों की सुरक्षा से जुड़े खतरों को लेकर न तो स्वयं संज्ञान लेते हैं और न ही प्रधान पाठकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं।
सूत्रों के अनुसार कई स्कूलों के आसपास बाहरी तत्वों की आवाजाही, असामाजिक गतिविधियों की आशंका और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी जैसी समस्याएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। लेकिन इन मुद्दों पर सक्रिय निगरानी और पूर्व सतर्कता के बजाय जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित बताई जा रही है।
गंभीर बात यह है कि जब तक मीडिया में खबर न चले या जिला स्तर से कड़ा निर्देश न मिले, तब तक शिक्षा विभाग में हरकत नहीं दिखती। निर्देश आते ही कागजी कार्रवाई शुरू हो जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी रहती है। सवाल यह है कि क्या बच्चों की सुरक्षा केवल निर्देशों पर निर्भर रहेगी? क्या विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है कि संभावित खतरों की पहचान कर समय रहते रोकथाम के उपाय किए जाएं?
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। यदि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरती गई तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विकास खंड शिक्षा अधिकारी इस मुद्दे पर सक्रिय पहल करते हैं या फिर किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा। शिक्षा विभाग की निष्क्रियता पर जनता की नजर टिकी हुई है।



