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बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार गिरफ्तार, 2.57 करोड़ के गबन का आरोप !

श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। विजयपुर तहसील की महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
मामले में कार्रवाई उस समय तेज हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को राहत देने का कोई आधार नहीं बनता। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी।
💰 बाढ़ राहत राशि में गड़बड़ी का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद राहत राशि वितरण में अनियमितता सामने आई। आरोप है कि तत्कालीन बड़ौदा तहसीलदार रहते हुए अमिता सिंह तोमर ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि का दुरुपयोग किया।
जांच में सामने आया कि करीब 127 फर्जी खातों में यह राशि ट्रांसफर की गई। इस पूरे मामले में दो दर्जन से अधिक पटवारी और कुछ दलालों की संलिप्तता भी बताई जा रही है।
👮‍♂️ 100 से अधिक आरोपी, 25 पटवारी शामिल
डिप्टी कलेक्टर के ऑडिट में गड़बड़ी उजागर होने के बाद बड़ौदा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस जांच में अब तक 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर के अलावा करीब 25 पटवारी भी शामिल हैं।
📺 KBC में जीत चुकी हैं 50 लाख रुपये
अमिता सिंह तोमर वर्ष 2011 में कौन बनेगा करोड़पति (सीजन-5) में 50 लाख रुपये जीतकर चर्चा में आई थीं। इसके बाद उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से जाना जाने लगा।
⚠️ विवादों से रहा पुराना संबंध
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पूर्व में सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियों को लेकर निलंबित भी हो चुकी हैं। साथ ही, 14 वर्षों की सेवा अवधि में 25 तबादलों को लेकर उन्होंने नरेंद्र मोदी एवं शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर भी सुर्खियां बटोरी थीं।
🔎 निष्कर्ष
बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील मामले में करोड़ों रुपये के कथित गबन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Editor Hemsagar shrivas

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