एनटीपीसी सीपत के खिलाफ 9 दिनों से जारी शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन !फर्जी बिल्टी और राखड़ घोटाले का खेल बदस्तूर है जारी

बिलासपुर-देश को रोशन करने के लिए अपनी जमीनें सौंपने वाले NTPC Limited के सीपत परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापित ग्रामीण अब अपने ही अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। 1 मई, मजदूर दिवस से सुखरीपाली में शुरू हुआ शांतिपूर्ण धरना आज नौवें दिन भी जारी है, लेकिन प्रबंधन की उदासीनता और हठधर्मिता के चलते अब आंदोलन उग्र होने की दहलीज पर पहुंच गया है।भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण लगातार धरने पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से वे केवल आश्वासन ही सुनते आ रहे हैं, जबकि उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
*24 सूत्रीय मांगों पर नहीं बनी सहमति*
नरेंद्र वस्त्रकार सरपंच प्रतिनिधि ग्राम पंचायत गतौरा एवं रेवा शंकर साहू जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक- 8 मस्तूरी द्वारा प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में अपनी 24 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा है, जिनमें रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण, मुआवजा और स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।विस्थापित युवाओं को स्थायी रोजगार में प्राथमिकता
फ्लाई ऐश (राखड़) से फैल रहे प्रदूषण पर रोक और सड़कों की मरम्मत,लंबित मुआवजा और पुनर्वास मामलों का समाधान
प्रभावित गांवों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीणों का आरोप है कि इन मांगों पर लंबे समय से केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
*फर्जी बिल्टी का खेल आया सामने*
इसी बीच आंदोलन के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, राखड़ परिवहन में फर्जी बिल्टी (रसीद) का खेल चल रहा है।उक्त मामला फर्जी बिल्टी से जुड़ा हुआ है एक ओर जहाँ निष्पक्ष जाँच की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा सुखरीपाली मे 1 मई मजदूर दिवस से शांति पूर्वक आंदोलन चल रहा है,वही भारी वाहनों मे आधा के भी कम एक चौथा ई राखड़ की लोडिंग कर फर्जी तरीके से एनटीपीसी का रसीद 3,4,5 सौ किमी की दुरी का रसीद कटवा कर डेम से कुछ ही दुरी पर उसे खपा कर फिर से दूसरा नंबर प्लेट लगाकर ट्रांसपोर्टर द्वारा और एनटीपीसी फर्जी तरीके से फिर एनटीपीसी का बिल्टी कटवाया जा रहा ज्ञात हो की 8 मई शाम के समय भारत सरकार को चुना लगाते हुए फर्जी बिल्टी बनानें के फिराक मे था जबकि उक्त भारी वाहन मे एक तिहाई राखड़ लोडिंग कर 5 से 10 किमी के अंदर खपाने के उद्देश्य से *बांके बिहारी ट्रांसपोर्ट* का वाहन क्रमांक cg 10 BR 6812 मे ले जाया जा रहा था जबकि उक्त वाहन का बिल्टी जबलपुर के नाम पर कटवाने फिराक मे था, पर उक्त वाहन मे एक तिहाई राखड़ लोड कैसे किया गया ये सबसे बढ़ा यक्ष प्रश्न है,उक्त मामले की जानकारी होने पर जनप्रतिनिधि यों और ग्रामीणों नें उक्त वाहन का त्रिपाल खोलकर देखा उतने मे उक्त वाहन का चालक सच बता दिया जिस पर ग्रामीण राखड़ से लोड गाड़ी और ड्राईवर को छोड़कर चले गए जिसका फायदा देखकर वाहन चालक उक्त स्थल से राखड़ से भरा गाड़ी लेकर आधी रात को फरार हो गया।
*प्रबंधन पर तानाशाही और सांठगांठ के आरोप*
आंदोलनकारियों ने NTPC Limited प्रबंधन पर तानाशाही, भ्रष्टाचार और प्रशासन से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बातचीत के लिए आगे नहीं आ रहा है।
*उग्र आंदोलन की चेतावनी*
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन चक्काजाम, तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



