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*NTPC सीपत के खिलाफ आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर जानलेवा हमला, उच्च स्तरीय जांच की मांग*

 

बिलासपुर NTPC सीपत प्रबंधन के खिलाफ पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे भू-विस्थापितों और ग्रामीणों पर जानलेवा हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। आंदोलनकारियों ने एनटीपीसी प्रबंधन के अधिकारियों और स्थानीय भू-माफियाओं पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर बिलासपुर को एक लिखित शिकायत सौंपी है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा है आंदोलन प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गतौरा के सुखरी पाली वार्ड (ठाकुरदेव के पास) में स्थानीय किसान, भू-विस्थापित और बेरोजगार मजदूर अपनी 24 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 मई से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का मुख्य आरोप है कि एनटीपीसी सीपत के राखड़ प्रबंधन (Ash Management) के एजीएम अनंत कुमार वाष्र्णेय राखड़ परिवहन में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता कर रहे हैं, जिसके खिलाफ ग्रामीणों ने जांच की मांग की है।

*विवाद और जानलेवा हमले का घटनाक्रम*

शिकायत पत्र के अनुसार, आंदोलन के 8वें दिन एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़का बिना ड्राइविंग लाइसेंस के आंदोलन स्थल के पास तेज रफ्तार में ट्रैक्टर चला रहा था। जब आंदोलनकारियों और ग्राम सरपंच प्रतिनिधि ने इस पर सुरक्षा का हवाला देते हुए आपत्ति जताई, तो ट्रैक्टर मालिक तुषार साहू और उसके साथियों ने धरना स्थल पर आकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आंदोलनकारियों को लगातार डराया-धमकाया गया और धरना स्थल की रेकी की गई।
मामले ने तब हिंसक रूप ले लिया जब 10 मई की रात को चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए हमलावरों ने आंदोलनकारी राजेश साहू के घर पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने राजेश के सिर पर भारी पत्थर से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। परिजनों के शोर मचाने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
*पुलिस प्रशासन और प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप*
आंदोलन के मुख्य कर्ताधर्ता रेवाशंकर साहू (जनपद सदस्य) और नरेन्द्र कुमार वस्त्रकार (सरपंच प्रतिनिधि) ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मस्तूरी पुलिस इस जानलेवा हमले को एक सामान्य आपसी विवाद बताकर मामले की गंभीरता को दबाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, पूर्व में भी आंदोलन से जुड़े नेताओं की गाड़ियों पर पत्थरबाजी और बंदूकधारियों द्वारा डराने की शिकायतें सीपत पुलिस से की गई थीं, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीएमओ और केंद्रीय गृहमंत्री तक पहुंची शिकायत,मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आंदोलनकारियों ने कलेक्टर बिलासपुर के अलावा इस शिकायत की प्रतिलिपि (CC) देश के शीर्ष कार्यालयों को भेजी है, जिनमें शामिल हैं: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली,केंद्रीय गृहमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली
गृह मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
पुलिस महानिदेशक (DGP), छत्तीसगढ़
सतर्कता विभाग , NTPC नई दिल्ली
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए विवश होंगे।

Editor Hemsagar shrivas

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