
अंबिकापुर :- सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत नर्मदापुर से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने एक ओर रिश्तों की संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल पेश की, तो वहीं दूसरी ओर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक बहू अपनी वृद्ध सास को वृद्धा पेंशन दिलाने के लिए कड़ी धूप में सेंट्रल बैंक नर्मदापुर लेकर पहुंची।
वृद्ध महिला की हालत देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। लोगों का कहना है कि जब शासन द्वारा वृद्धजनों के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं, तब उन्हें पेंशन जैसी मूलभूत सुविधा पाने के लिए इस तरह धूप और परेशानियों का सामना करना पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधायक और मंत्री स्तर पर ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही, जिससे बुजुर्गों को गांव स्तर पर ही सुविधाएं मिल सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर वृद्ध लोगों को बैंक और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई जगह परिवहन और स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इन सबके बीच बहू द्वारा अपनी वृद्ध सास को सहारा देकर बैंक तक ले जाना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में रिश्तों की संवेदनशीलता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना जीवित है।
यह दृश्य एक ओर परिवार के संस्कारों की मिसाल है, तो दूसरी ओर शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की लापरवाही पर बड़ा सवाल भी खड़ा करता है।



