वर्षों की सेवा का मिलेगा सम्मान! 65 हजार कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता साफ !

पंजाब के हजारों आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों की उम्मीदों को उस समय बल मिला, जब पंजाब सरकार ने 65 हजार से अधिक कर्मचारियों को नियमित रोजगार की दिशा में बड़ा कदम उठाया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने और कर्मचारियों को सीधे सरकारी रोजगार प्रणाली के अंतर्गत लाने की रूपरेखा को मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का रास्ता मिलेगा।
सरकार के अनुसार राज्य के 51 विभागों में कार्यरत 65,048 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी इस योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन कर्मचारियों ने वर्षों तक पंजाब की सेवा की है और अब उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और कर्मचारियों के बीच मौजूद ठेकेदार व्यवस्था को खत्म कर सीधा रोजगार संबंध स्थापित किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था के अंतर्गत लाने का प्रावधान किया गया है। वहीं जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए तीन वर्ष की सेवा की शर्त रखी गई है।
सरकार ने इस दिशा में नए विधेयकों को मंजूरी देते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया का रास्ता भी साफ किया है। इसके बाद कर्मचारियों में खुशी और उम्मीद का माहौल देखा जा रहा है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि यह फैसला पूरी तरह लागू होता है, तो यह वर्षों से नौकरी सुरक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
फिलहाल कर्मचारियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस घोषणा को जमीन पर कब और कैसे लागू करती है।



