आदिवासी सरपंच को न्याय दिलाने की बजाय आरोपी के पक्ष में खड़े हुए खरसिया विधायक उमेश पटेल – कांग्रेस का आदिवासी विरोधी चेहरा बेनकाब — श्रीमती रामकुमारी राठिया, जनपद अध्यक्ष

*आदिवासी सरपंच को न्याय दिलाने की बजाय आरोपी के पक्ष में खड़े हुए खरसिया विधायक उमेश पटेल – कांग्रेस का आदिवासी विरोधी चेहरा बेनकाब : श्रीमती रामकुमारी राठिया, जनपद अध्यक्ष,
रायगढ़:- आदिवासी सरपंच से जातिगत गाली गलौज करने वाले उपसरपंच की गिरफ्तारी के विरोध में खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वारा कोतरा रोड थाने का घेराव कर धरने में बैठे जाने के मामले में तीखा हमला बोलते हुए खरसिया जनपद अध्यक्ष श्रीमती रामकुमारी राठिया ने कहा कांग्रेस का आदिवासी विरोधी दोहरे चरित्र को फिर से उजागर हो गया। इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीमती रामकुमारी राठिया ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि एक आदिवासी सरपंच के साथ जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट की घटना पर पुलिस ने जब नियमानुसार आरोपी उपसरपंच पर कार्रवाई की, तो खरसिया विधायक उमेश पटेल पीड़ित आदिवासी के साथ खड़े होने के बजाय आरोपी के पक्ष में थाने का घेराव कर धरने पर बैठ गए।
श्रीमति राठिया ने कहा, पूरे छत्तीसगढ़ ने देखा है कि उमेश पटेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार पटेल ने आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर उनके हक की लड़ाई लड़ी वही उनके पुत्र उमेश पटेल वोटों की तुष्टिकरण की राजनीति के लिए उसी आदिवासी समाज को अपमानित करने वाले असामाजिक तत्वों के साथ खड़े हैं। अपने पिता के आदर्शों के खिलाफ जाकर धरना देने वाले उमेश पटेल के इस कृत्य से स्वर्गीय नंदकुमार पटेल जी की आत्मा को निश्चित रूप से ठेस पहुंची होगी। जनपद अध्यक्षा ने आगे कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। कांग्रेस शुरू से ही हमारे यशस्वी आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी से विद्वेष रखती है, और उसी मानसिकता के चलते कि कांग्रेस विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में आदिवासियों को प्रताड़ित करने वालों को खुला संरक्षण दे रहे हैं। उमेश पटेल द्वारा धरना आदिवासी विरोधी मानसिकता का उदाहरण है।
कांग्रेस शासन में मंत्री रहे उमेश पटेल अपने राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग कर पुलिस की निष्पक्ष कार्यवाही में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। यह सरासर न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप है। आदिवासी समाज सीधा, सरल और सहज जरूर है, लेकिन अन्याय को कभी बर्दाश्त नहीं करता। जिले का आदिवासी समाज कांग्रेस के इस दुष्कृत्य को कभी माफ नहीं करेगा। यदि कांग्रेस ने अपनी आदिवासी विरोधी नीति नहीं बदली तो भाजपा के सभी आदिवासी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर उमेश पटेल के विरुद्ध प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ेंगे ।



