चिराईपानी में रूपेश स्टील प्लांट के क्षमता विस्तार के लिए ईआईए रिपोर्ट की क्या है कहानी*। *उद्योग प्रबंधन कह रहा वन्यप्राणी नहीं और वन विभाग कर रहा क्षतिपूर्ति आंकलन*, *दो दिन पूर्व ही क्षेत्र में हाथियों की हुई थी आमद*
रायगढ़। जिले के उद्योग प्रबंधन उद्योग की स्थापना के लिए प्रशासन के ही रिपोर्ट को झूठलाने में लगे हैं और प्रशासन है कि मूकदर्शक बनी हुई है। चिराईपानी में स्थित मेसर्स रूपेश स्टील प्लांट के क्षमता विस्तार के लिए तैयार की गई ईआईए रिपोर्ट में उक्त क्षेत्र में वन्यप्राणी न होना बताया गया है जबकि दो दिन पूर्व ही उक्त क्षेत्र में हाथियों की आमद हुई थी जिन्होने फसल नुकसान किया है। किसी भी नए उद्योग की स्थापना हो चाहे पुराने स्थापित उद्योग की क्षमता विस्तार दोनो ही परिस्थिति में क्षेत्र का पर्यावरणीय सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार किया जाता है जिसमें उद्योग की स्थापना से पर्यावरण पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव व उसके बचाव के लिए किए जाने वाले उपाय का उल्लेख रहता है। साथ ही वन्यप्राणी की जानकारी भी देनी रहती है। कंपनी प्रबंधन द्वारा तैयार किए गए रिपोर्ट में उक्त क्षेत्र में वन्यप्राणी का न होना बताया गया है जबकि दो दिन पूर्व चिराईपानी से करीब 6 किलोमीटर दूर जमडभरी में हाथियों के दल ने किसान के फसल केा नुकसान पहुंचाया है जिसमें वन विभाग के तमनार रेंज के अधिकारी फसलों के नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। इतना ही नहीं चिराईपानी से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम सामारूमा और झिंगोल में वन्यप्राणी हाथी से लोगों के सुरक्षा के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च कर वॉच टॉवर का निर्माण किया गया है। वन विभाग द्वारा बनाए गए वॉच टॉवर व दो दिन पूर्व हुए फसल नुकसान को देखकर यह तो प्रमाणित होता है कि चिराईपानी के 10 किलोमीटर की परीधि में वन्यप्राणी अभी भी हैं। इस बात को ईआईए रिपोर्ट में छिपा दिया गया है। निगम के कुछ वार्ड भी होंगे प्रभावित अगर चिराईपानी से 10 किलोमीटर की परीधि में देखा जाए तो शहर के करीब आधा दर्जन वार्ड प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि उक्त परीघि में उर्दना, ढिमरापुर, भगवानपुर क्षेत्र के करीब 6-7 वार्ड प्रभावित की श्रेणी में आएंगे, लेकिन उक्त क्षेत्रों में ईआईए रिपोर्ट व क्षमता विस्तार संबंधित जानकारी कहीं भी चस्पा नहीं किया गया है। कितने का हो रहा क्षमता विस्तार मैसर्स रूपेश स्टील द्वारा किए जा रहे क्षमता विस्तार में माइल्ड स्टील बिलेट 28800 टीपीए से 246960 टीपीए, रीरोल्ड स्टील उत्पाद 234612 टीपीए, हॉट चार्जिंग 160512 टीपीए के माध्यम से और रीहीटिंग फर्नेस के माध्यम से 74100 टीपीए, एमएस पाइप 122600 टीपीए, ब्राउनफील्ड शामिल है। क्या कहता है उद्योग प्रबंधन इस मामले को लेकर उद्योग प्रबंधन शंकर लाल अग्रवाल से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि यह रोलिंग मिल है। पूरी तरह से इलेक्ट्रीक सिस्टम है जिसके कारण कोई प्रदूषण नहीं होगा। लेकिन जब ईआईए रिपोर्ट को लेकर पुछा गया तो उन्होने कुछ नहीं कहा।


