सरकार के 100 में से 75 दिन पूरे””* *““संविदा को न मिला 27% प्रतिशत वेतन-वृद्धि, न कमेटी गठन और न नियमितीकरण””*


रायगढ़।
मोदी जी की गारंटी एवं विष्णु के सुशासन का अक्षरश: पालन करती, राज्य की डबल इंजन सरकार को शपथ-ग्रहण पश्चात्, आज 75 दिन बीत गये है, एवं गारंटी के मात्र 25 दिन शेष है, पर आज दिनांक तक ना तो राज्य के शासकीय विभागों में, सबसे शोषित तबका, संविदा कर्मचारीयों को, ना संविदा 27 प्रतिशत वेतन-वृद्धि, ना कमेटी गठन और ना ही नियमितीकरण प्राप्त हो सका है।
सरकार की ओर से, अपनी मांगो पर किसी प्रकार की पहल ना होता देख, आज जिले के समस्त छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के सदस्य, सैकड़ो की संख्या में, कलेक्टर कार्यालय, सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए, अपना ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री तथा अपने विधानसभा के विधायक सह् वित्त मंत्री के नाम देने पहुंचे।
3 दिसंबर से अस्तित्व में आई भाजपा सरकार द्वारा, आज दिनांक तक इनकी मांगे पूर्ण नही हो सकी है। मोदीजी की गारंटी तथा विष्णु के सुशासन की याद दिलाते हुए, इस जिले के समस्त संविदा कर्मचारीयों ने ज्वाइंट कलेक्टर ऋचा ठाकुर को अपनी मांगो के संबंध में पत्र सौपा, एवं मांग रखी कि समय-समय पर सौपे गये कार्य दायित्व का बखूबी निर्वहन तन-मन-धन से करने पश्चात् भी, न्यूनतम संविदा वेतन पर कार्य करने को मजबूर है, तथा संविदा 27 प्रतिशत वेतन-वृद्धि, छह विभागों में नही होने से इन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा के अनुपूरक बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मचारियों के लिए एकमुश्त वेतन-वृध्दि की घोषणा की गई थी। इसके लिए लगभग 350 करोड बजट का आबंटन भी किया गया था, इनमें में आज दिनांक तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को संविदा 27 प्रतिशत वेतन-वृद्धि, अप्राप्त है। राज्य में 40 से 45 हज़ार संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, इनका 2019 से लगभग 05 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी, मासिक वेतन, अधिकतम समय-सीमा में संशोधित नही किया गया है, जिससे इन्हे आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
अन्य भाजपा शासित राज्यों की तुलना में, डबल-इंजन सरकार में राज्य के संविदा कर्मचारी, आज भी, समान काम-समान वेतन, सी-आर रिन्यूवल बन्द करना, 62 साल सेवा काॅल, ग्रेड-पे निर्धारण, मेडिकल फैसिलिटी, ईपीएफ कटौती, ग्रैच्यूटी, पेंशन, अनुकम्पा, स्थानान्तरण नीति, सरकारी भर्ती मे 50 प्रतिशत संविदा कोटा, छटनी/निकाले गये कर्मचारियों की बहाली आदि सुविधाओं से विगत 20-25 वर्षों से वंचित है। मोदी की गारंटी में शामिल- 100 दिनों में कमेटी गठन, जिसमें अनियमित/संविदा पदाधिकारी भी सदस्य होंगे का शेष 25 दिनों में, मार्ग प्रशस्त करें सरकार, तथा लोक-सभा आचार-संहिता लगने के पूर्व, अपनी मंशा जाहिर करते हुए, गैर वित्तीय मांगो जैसे अविलम्ब संविदा 27 प्रतिशत वेतन-वृध्दि, समान काम-समान वेतन, सी-आर रिन्यूवल बन्द करना, 62 साल सेवा काॅल, ग्रेड-पे निर्धारण, मेडिकल फैसिलिटी, ईपीएफ कटौती, ग्रैच्यूटी, पेंशन, अनुकम्पा, स्थानान्तरण नीति, सरकारी भर्ती मे 50 प्रतिशत संविदा कोटा, छटनी/निकाले गये कर्मचारियों की बहाली तथा नियमितीकरण हेतु पहल को तत्काल पूरा करने, जिला ईकाइ- छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ सरकार से मांग करता है।
ज्ञापन देने में सतीश गौतम, शकुनतला एक्का, शैल पांडेय, चंद्रकान्त जायसवाल, वैभव डियोडिया, पवन प्रधान, अभिषेक स्वर्णकार, विनय देवांगन, भुवनेश्वर मालाकार, राजेश महापात्रे, नरसिंह साहा, अर्जुन मेहर, चंद्रेश टांक, हीरा सिंह गोंड, जगदीष साव, सतीश पैकरा, भूपेन्द्र पटेल, मायाशंकर जोल्हे, हरि शंकर देवांगन, जयंती बेहरा, किरण मेहर, रामकुमारी पटेल, दूबी श्याम खड़िया, संतोष कुमार मस्तावर, खुशीराम साहू, श्वेता पटेल, डाॅ.कृष्ण कमल, डाॅ.दीप्ति गुप्ता, डाॅ.राजेश पटेल, उमेश जोल्हे, युधिष्ठिर बारीक शामिल हुए।


