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समाजसेवा,पत्रकारिता और वकालत के माध्यम से सदैव जनसेवा करते हुए सामाजिक धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहना अगर अपराध है -तो यह अपराध, मै अपने हर एक सांस में करूंगा ✍️भूपेन्द्र किशोर वैष्णव*

*📕 समाजसेवा, पत्रकारिता और वकालत से लोगों की सेवा करना बना अपराध सामाजिक लोगों की हो रहीं चरित्र हत्या लोगों को लूटने वाले बन रहें साहूकार?*

*खरसिया /रायगढ़*

पुलिस के पुराने झूठे फर्जी रिकार्ड, जिसमे से कई न्यायालय में विचाराधिन है,से आखिर एक ही व्यक्ति पर कितने बार होगी जिला बदर की कार्यवाही? किसी परिवार के मुखिया पालनहार को प्रताड़ित कर प्रशासन पुरे परिवार को वर्षों से क्यों कर रहा प्रताड़ित आखिर क्या षड्यंत्र इस परिवार को टारगेट करने में? क्यों वर्षों से मासूम बच्चे हो रहें प्रताड़ित कभी सोचा है यह पुलिस और प्रशासन ने कि क्या गुजरती होगी उस परिवार पर?आखिर समाज में रहकर आमजनों का सदैव हर सम्भव सहयोग करना, पीड़ित प्रताड़ित,शोषित,लोगों की आवाज बुलंद करना, शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना अगर अपराध है तो ये अपराध मै जरूर करूंगा ऐसा कहना सामाजिक कार्यकर्ता पत्रकार व अधिवक्ता भूपेन्द्र किशोर वैष्णव जी का होश सम्हालने से लेकर आज तक जिसने केवल सेवा को ही अपना धर्म मानकर आमजनों के लिए सदैव ततपर होकर धरातल पर कार्य किया है, ऐसे बड़े बड़े मामले जिसमे शोषण करने वालों की आज तोलगी ढीली हो गईं है जिनके बड़े बड़े फर्जीवाड़े काले धंधे को कलम के जादूगर भूपेन्द्र किशोर उजागर कर दिया हो जिन्हे करोड़ो से नीचे लाकर पटक दिया हो ऐसे लोगों द्वारा प्रायोजित तरीके से शातिराना तरीके से फर्जी मामले दर्ज दर्ज कराकर जिस सख्स को अपराधी बताने और बनाने में तुली हुईं है, असल में वह शोषकवर्ग को एक्सपोज करने वाला तोप है जिसे देखकर शोषक वर्ग के पसीने छुटतें हैं की कहीं कल अपनी बारी भी नही न आ जाये ऐसे लोगों द्वारा ऐसी छिछोरी हरकतें करके खुद के कमजोर होने प्रमाण अवश्य दें रहें हैं झूठे फर्जी मामलों में लोगों को टारगेट करना फंसाना बदनाम करना ओछी मानसिकता को दिखा रहा है 2001 से आज तक जीतने शिकायत हुए सभी बेबुनियाद और झूठे मामले थे जिनमे आधे से अधिक मामले में भूपेन्द्र किशोर वैष्णव दोष मुक्त हो गये हैं, कुछ मामले न्यायालय में विचाराधीन भी है आज तक प्रशासन अपने द्वारा दर्ज किये गये मामलों में और स्वयं प्रार्थी जिन्होंने भ्रष्टाचार उजागर करने पर झूठे मामले दर्ज करवाकर स्वयं को मोहरा बनाया न्यायालय कुछ भी प्रमाणित और साबित नही कर पाए किसी भी मामले में न्यायालय ने सजा नही दिया है ऐसा अगर हर केस में हो रहा है तो मोहरों और प्रार्थियों केस पेश करने वाली पुलिस को स्वयं सब समझ जाना चाहिए कि वो कितने पानी में हैं?

पिछले 4 वर्षों से कोई भी नया मामला दर्ज नही फिर भी पुराने केसों मुद्दों को लेकर जो प्रोपोगेंडा तैयार कर रहीं उसमे खिल्ली इन्ही की उड़नी है समाज में अपने जान माल को जोखिम में डालकर अन्याय, अत्याचार शोषण भ्रष्टाचार के विरुद्ध धारदार कलम से लिखने वाले सख्स के नाम से भ्रष्टाचारी आज थर थर कापने पर मजबूर हैं. खरसिया पुलिस द्वारा बार बार झूठी जानकारी देकर वरिष्ठ अधिकारीयों व न्यायालय को गुमराह करने वालों के विरुद्ध न्यायालय में मामला दर्ज है वहीं पूर्व से ही भूपेन्द्र किशोर वैष्णव माननीय उच्च न्यायालय में केस विचारा धीन है फिर भी उन्ही पुराने मामलों में जिला बदर जैसी कार्यवाही करके स्वयं हँसी करना है, क्योंकि आज जिस तरह एक सभ्य ईमानदार सच्चे कलमकार अधिवक्ता को सत्य लिखने की जो सजा षड़यंत्र करके की जा रहीं है वह काफ़ी शर्मनाक है क्योंकि किसी मामले में आज तक सजा नही करा सकना स्वयं आरोपी की जीत ही है सत्य और ईमानदारी को नापसंद करने वाले एकमात्र इसलिए खुश होते हैं कि वो किसी छोटे बड़े मुद्दे में हौआ बनाने के और बदनाम करने के अलावा और कुछ कर नही सकते हैं,

समाज में ईमानदार कलमकार बनकर कार्य करना भ्र्ष्टाचारियों का पर्दाफाश करना उस इंसान की गलती नही है, बल्कि बहुत बड़ी उपलब्धि है, जिससे भ्रस्ट लोगों की तोलगी ढीली हो गईं है जो किसी से छिपी नही है इसी वजह से दो नंबरी भ्रस्ट लोगों में बदहाजिमी होती रहती है.एक सच्चा ईमानदार इंसान इन सभी झूठे मामलों को फेस करते हुए भी निरंतर समाज सेवा निष्पक्ष व निर्भीक पत्रकारिता, करना जारी रखा तो इसके पीछे कोई न कोई विशेष शक्ति है अच्छे कार्य करने वालों को अगर प्रशासन से ऐसी हतासा मिलती रहेगी तो ऐसे विरले व्यक्ति भी निश्चित रूप से समाज की मुख्य सामाजिक धारा से अलग होकर जैसा प्रशासन उन्हें बता और दिखा रहीं है वैसा बनने में देर नही लगेगी क्योंकि कोई इंसान आखिर कब तक अच्छा कार्य करने के बाद भी प्रशासन द्वारा टॉर्चर होकर ख़ुशी महसूस करेगा, शायद ऐसी हरकतों के कारण ही लोग हथियार उठाते हैं नक्सली और आतंकवादी बनते हैं फिर इसी प्रशासन द्वारा ऐसे सताये हुए लोगों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का ढकोसला पूर्ण कार्य किया जाता है,

किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसा पक्षपात पूर्ण कार्य होता है तो अकेला वह व्यक्ति पीड़ित और प्रताड़ित नही होता बल्कि उसका पूरा परिवार प्रताड़ित होता है. भूपेन्द्र किशोर वैष्णव जी की सुपुत्री का स्वास्थय 6 माह से खराब है एम्स और उड़ीसा में 15वर्ष की बच्ची का गंभीर केस में उपचार जारी है, जवाब में बकायदा पूरा मेडिकल रिपोर्ट संलग्न किया फिर बिना कुछ भी सोचें समझे पूर्वाग्रह व दुर्भावना के साथ एक परिवार के पीछे प्रशासन हाँथ धोकर बैठी हुईं है जो बेहद निंदनीय और शर्मनाक है धरातल में सदैव समाज सेवा का कार्य करने वाले प्रताड़ित होकर अपना घर परिवार उस सेवा कार्य में झोंककर भी ऐसे बदनाम किया जायेगा तो भला कब तक उसकी सहनशक्ति साथ चलेगी आखिर वह भी तो इंसान ही हैं आखिर कब तक वह पुरे परिवार के साथ झूठे षड्यंत्र का शिकार होता रहेगा,

ये तो भूपेन्द्र वैष्णव केअच्छे संस्कार हैं जो लाख प्रताड़ना के बाद भी वे समाज की मुख्य धारा में अनेकों विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए पुरे परिवार के समर्पण और त्याग भावनाओं के साथ समाज में निरंतर सकारात्मक कार्य कर रहें हैं और भ्रस्टाचारियों की ईंट से ईंट बजा रहें हैं जो वजह बनी हुईं है कि सरकार किसी की भी हो भ्रस्ट लोगों के एकराय होकर षड्यंत्र का शिकार बनाकर पुरे परिवार को लगभग 12 वर्षों से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है जिस परिवार के बच्चो में भी अब प्रशासन के लिए कुंठा का भाव पैदा हो रहा अगर समाज सेवा करना इतना बड़ा अपराध है, गलत के खिलाफ इतना बड़ा अपराध है, अन्याय के खिलाफ लिखना इतना बड़ा अपराध, धार्मिक गतिविधियों में रहकर सदैव धार्मिक समाजिक कार्य करना ज़ब अपराध है तो अच्छा कार्य क्या है? आज तक कोई भी शिकायत कर्ता न्यायालय में लगाए गये आरोपों को सिद्ध भी नही कर पाये कोई इंसान ज़ब इतने बड़े बड़े अपराधों में संलिप्त तो सिंगल वन केस भी तो न्यायालय में प्रमाणित कर पाता. लगातार आदिवासियों के जल जंगल और जमीन के मामले में हमेशा संघर्षशील रहा,जो हर पीड़ित प्रताड़ित लोगों की आख़िरी उम्मीद और गरीबों का मसीहा है उसे सार्वजनिक रूप से अपमान करना बार बार प्रताड़ित करना उसके परिवार को प्रताड़ित करना मासूम बच्चों में कुंठा और दुख चिंता भरना अगर अच्छा कार्य है प्रोत्साहित करना लगता है तो इससे शर्मनाक कुछ भी नही है.

Editor Hemsagar shrivas

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