सूपा से कुर्रूभाठा मार्ग उन्नयन और पुनर्निर्माण कार्य अधर में लटका , किसान और आमजनता हो रहे है परेशान

सूपा से कुर्रूभाठा मार्ग उन्नयन और पुनर्निर्माण कार्य अधर में लटका किसान और आमजनता हो रहे है परेशान
रायगढ़:- छत्तीसगढ़ में आखिरकार किसान ही परेशानियों को क्यों झेलता है। चाहे मुआवजा का हो या शासन के कोई भी योजनाओं का हो।
हम बात कर रहे है। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के सूपा से कुर्रुभाठा मार्ग का जो पैकेज 19 के तहत एडीबी प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ विकास परियोजना लोक निर्माण विभाग बिलासपुर के तहत् ग्राम कुर्रूभाठा, रक्सापाली, कछार, उसरोठ, पुटकापुरी, सूपा, तारापुर मार्ग लम्बाई 48.117 किमी उन्नयन और पुनर्निर्माण कार्य का स्वीकृति हुई है। स्वीकृति हुए लगभग ढाई वर्ष हो गया। लेकिन आज पर्यन्त तक उक्त मार्ग पूर्ण नहीं हुआ है। और न ही किसानों को जमीन का मुआवजा नहीं मिल रहा है। एडीबी के ठेकेदार द्वारा सड़क के पुनर्निर्माण काम को अधुरा करके छोड़ दिया गया है। जबकि यह सड़क खरसिया विधानसभा क्षेत्र के नाभी की तरह एक तरफ रायपुर हाइवे रोड और दूसरे तरफ बिलासपुर हाइवे मार्ग तक पहुंची हुई है। जहा सड़क के निर्माण से किसानों और आमजनता पूरी तरह से आवागमन की सुविधा और दुर्घटनाओं से भी बच जाएंगे। आज की स्थिति में सड़क काम पूर्ण न होने से आमजनताओ को और अक्सर छात्र छात्राओं को स्कूल आने जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जहा आए दिन आने जाने वाले राहगीरो को दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है। वही किसानों के जमीन को सड़क निर्माण के लिए खुदाई करके गड्ढा में तब्दील कर दिया है। जहा सैकड़ो किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिला है। और उनके जमीन सड़क निर्माण के नाम से जगह – जगह मिट्टी निकाल अस्त व्यस्त कर दिया गया है।
प्रभावित किसानों ने बताया कि ग्राम गोर्रा और कोतमरा सहित किसानों के जमीन का खुदाई कर दिया गया है। जबकि उक्त किसानों को मुआवजा राशि आज पर्यन्त तक नहीं मिला है।
छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर रायपुर के आदेश क्रमांक दिनांक 25/11/2029 क्रमांक एफ – 7- 4/ सात- 1/ 2015(पार्ट) राज्य शासन द्वारा आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 2016 की कंडिका 2 की उप कंडिका – 4 एवं 5 में संशोधन बाबत जारी विभागीय आदेश दिनांक 30/10/ 2019 में पैरा ( 1) (दो) एवं पैरा -2 के स्थान पर निम्नानुसार संशोधन करता है। कि इस प्रकार निजी भूमि और उस पर स्थावर परिसंपतियो के लिए नगरीय क्षेत्र के विक्रेता को दो गुनी राशि एवं ग्रामीण क्षेत्र में विकेत्रा को उसकी भूमि मूल्य की चार गुनी राशि देने का आदेश जारी हुआ है
लेकिन तत्कालीन सरकार द्वारा न ही उक्त मार्ग का पूर्ण रूप से निर्माण कराया गया और न ही प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि दिलाया गया। जबकि यह सूपा से कुर्रूभाठा मार्ग खरसिया विधान सभा क्षेत्र में आता है और यहां तत्कालीन कैबिनेट मंत्री का भी क्षेत्र था। जिसने न ही क्षेत्र के किसानों की मुआवजा की चिंता किया और न ही सड़क निर्माण कार्य को पूरा करवाया है। अब देखने वाली बात होगी कि ग्रामीण क्षेत्र के इस अधूरी सड़क विकास कार्य को वर्तमान सरकार पूरी करती है या किसान प्रभावित ज़मीन के मुआवजा राशि के लिए वंचित ही रह जायेंगे और किसानो का जमीन गड्ढा में तब्दील होकर पड़ा ही रहेगा।



