जनपद पंचायत रायगढ़ के ग्राम पंचायत कुलबा में तकनीकी सहायक व रोजगार सहायक के मिली भगत से मनरेगा कार्य में लगा भ्रष्टाचार का आरोप ?


रायगढ़ :- जनपद पंचायत रायगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुलबा में मनरेगा कार्य में तालाब गहरीकरण के नाम से रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक के मिलीभगत से भारी भ्रष्टाचार का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। हम बात कर रहे है ग्राम पंचायत कुलबा की जो खरसिया विधानसभा क्षेत्र में आता हे। ऐसा ही इस क्षेत्र में अधिकांश पंचायत मनरेगा कार्य के भ्रष्टाचार में चरम रूप से डूबे हुए है। ग्राम पंचायत कुलबा के ग्रामीणों और मजदूरों ने यह आरोप लगाया की डीपा पारा टार तालाब में मनरेगा के तहत् गहरीकरण के नाम से केवल कागजों में ही कार्य दिखाया गया है और राशि भी निकाली गई है। सी ई ओ को ग्रामीणों ने जांच कर कार्यवाही की मांग की हैं।
उक्त शिकायत का जांच के लिए जांच अधिकारी का टीम बनाकर पंचायत भेजा गया जहां आधे अधूरी जांच कर टीम वापस आ गई है। दिलचस्प बात यह है कि उस जांच टीम में उक्त पंचायत क्षेत्र के तकनीकी सहायक को भी शामिल की गई है। तो फिर सही जांच ही कहा हो पायेगा और ग्रामीणों ने यह भी कहा की जो फर्जी रूप से जिन लोगो का मजदूरी मास्टर रोल में दर्ज की गई है। वह लोग जांच के वक्त उपस्थित ही नहीं हुए है। करीब 15 से अधिक लोगो ने भी आरोप लगाया कि हम लोग काम ही नहीं किए है। और हमारा नाम मास्टर रोल में दर्ज की गई है। कार्य स्थल में तालाब गहरीकरण कार्य के लिए जो जियो टेक किया जाता है उसे भी जांच के समक्ष सही रूप से निरक्षण नहीं किए है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच टीम तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक को बचाने का फिराक में है। मान लो अगर मजदूरी राशि फर्जी तरीके से गलत जियो टेक के माध्यम से भुगतान हुआ होगा तो इसमें मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का भी मिली भगत हो सकता है ? इसलिए ग्रामीणों ने उक्त शिकायत के उच्च स्तरीय जांच के लिए जनसमस्या शिविर में जिला पंचायत सी ई ओ को शिकायत करके मांग किए है कि यह मनरेगा घोटाला का जांच निष्पक्ष रूप से अतिशीघ्र हो और दोषी अधिकारी कर्मचारी के साथ कार्यवाही की जावे।
जिला जनसमस्या शिविर में जिला सी ई ओ ने कुलबा के ग्रामीणों को उनके शिकायत आवेदन का समय सीमा में शीघ्र जांचकर कार्यवाही की बात कही है।



