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फर्जी हस्ताक्षर कर शासकीय जमीन की बिक्री करने वाले अपराधियों के ऊपर आखिर इतनी मेहरबान क्यों हल्का नंबर 29 के पटवारी – वेदराम पटेल

फर्जी हस्ताक्षर कर शासकीय जमीन की बिक्री करने वाले अपराधियों के ऊपर आखिर इतनी मेहरबान क्यों हल्का नंबर 29 के पटवारी – वेदराम पटेल

तहसीलदार के आदेश के बाद भी पटवारी के द्वारा नहीं कराया जा रहा अपराधियों के ऊपर एफआईआर इससे तो यह प्रतीत होता है कि पटवारी भी इस कमीशन खोरी के हिस्सेदार बन गए होंगे शायद ।                           तमनार।। तहसील अंतर्गत एक गजब का मामला जहां ग्राम पंचायत भगोरा के आश्रित ग्राम,चकाबहाल,में जमीन के दलालों ने एक विकलांग एवं बुजुर्ग अ,सहाय की शासकीय आवंटन की भूमि खसरा नंबर 39/1 रकबा 1.214 हे.को एवं किसान को बहला फुसला कर अधिक मुनाफा कमाने के लालच में क्रेता कोरबा निवासी श्रीमती गुरवारी चौहान के पास दलालों के द्वारा झूठ बोलकर एवं किसान की निजी पट्टे की जमीन बताकर एवं हल्का पटवारी का फर्जी हस्ताक्षर फर्जी सील के साथ फर्जी चतुर सीमा तैयार कर दलालों के द्वारा शासकीय आवंटन की भूमि को बिना कलेक्टर परमिशन के क्रेता के पास दिनांक 08/06/2023 को घरघोड़ा में रजिस्ट्री करा दिया गया।

यह बात तब पता चली जब हल्का पटवारी वेदराम पटेल अपने कार्यक्षेत्र ग्राम पंचायत भगोरा पहुंचे तभी उन्हें किसी ग्रामीण ने जानकारी देते हुए बताया कि शौकीलाल पिता नंदी रावत की शासकीय आवंटन की भूमि को ग्राम पंचायत भगोरा के संतोष चौहान एवं अन्य व्यक्ति के साथ मिली भगत कर फर्जी सील एवं फर्जी चतुर सीमा तैयार कर किसी कोरबा निवासी को इनके द्वारा जमीन को बेचा गया है ।

                          उक्त बात पटवारी को पता चली। तब हल्का पटवारी ने तमनार तहसीलदार श्रीमती ऋचा सिंग के पास लिखित आवेदन पेश कर अपनी बात रखी कि मेरे कार्यक्षेत्र में किसी के द्वारा मेरा फर्जी हस्ताक्षर कर चतुर सीमा तैयार कर शासकीय आवंटन की भूमि को बिना कलेक्टर परमिशन के बेचा गया है।जिसके नामांतरण पर रोक लगाया जाए । तभी तमनार तहसीलदार ने जमीन नामांतरण पर रोक लगा दिए। लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन दलालों के ऊपर आज तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं हुई । जब तमनार में नए तहसीलदार विकास जिंदल को इस मामले की जानकारी हुई तब उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच किया और मामले पर सत्य पाया तभी उन्होंने पटवारी वेदराम पटेल को आदेशित किया कि वह इस मामला से जुड़े आरोपियों के ऊपर पुलिस कार्यवाही करा सकते हैं । लेकिन ग्राम भगोरा के पटवारी वेदराम पटेल के द्वारा पता नहीं क्यों उन्हीं के फर्जी हस्ताक्षर कर शासकीय आवंटन भूमि की बिक्री करने वाले आरोपियों पर आखिर इतनी मेहरबान क्यों यह समझ से परे है जिसके कारण पटवारी पटेल के ऊपर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

Editor Hemsagar shrivas

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