
रायगढ़: छत्तीसगढ़ में शासन प्रशासन प्रधानमंत्री आवास टारगेट सफलता के नाम से राष्ट्रीय त्यौहार में पुरस्कृत होते नजर आ रहे है। सरकार आवास विभाग में क्लीन भ्रष्टाचार की बात कर रहा है।वहीं उसी आवास विभाग के अधिकारी कर्मचारी दो से तीन सौ रुपए घुस राशि लेने के लिए नहीं चूक रहे है। हम बात कर रहे है जनपद पंचायत धर्मजयगढ़ क्षेत्र ग्राम पंचायत चाल्हा के आश्रित ग्राम धवाईडांड का है। जहां पिछड़ी आदिवासी जाति बाहुल्य इलाका है। उक्त गांव में करीब 35 परिवार का आवास स्वीकृति हुई है। आवास हितग्राहियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चाल्हा के रोजगार सहायक और आवास मित्र के द्वारा आवास के प्रत्येक किस्त में दो सौ से तीन सौ रुपए मांग की जा रही है। जहां गरीब आदिवासी हितग्राही उक्त पंचायत कर्मी रोजगार सहायक और आवास मित्र से बहुत ही परेशान नजर आ रहे है। इन मामलों से सवाल यह उठता है कि एक तरफ सरकार आवास विभाग में क्लीन भ्रष्टाचार की बात करत है वहीं क्या निचले स्तर में इस तरह से राशि घूस मांग की जाना प्रश्नवाचक चिन्ह लगता है कि कही आवास विभाग में भ्रष्टाचार का लिंक तो नहीं है क्या? यह खबर एक प्रश्नवाचक सवाल छोड़ जाता है।



