
रायगढ़:- जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर की दूरी पर मांड नदी की धारा बहती है। ग्राम घुघवा, पचेड़ा और नावापारा मांड जो नदी के तट पर बसा हुआ है। खनिज विभाग के संरक्षण में इन्हीं गांवों से रेत माफिया और रेत दलाल नेताओं को अवैध रेत खनन करने में बहुत ही सुविधा जनक होता है। उक्त रेत खनन गैर कानूनी रूप से एक निजी कंपनी को रेललाइन निर्माण में ट्रैक्टर के माध्यम से अवैध रेत ढुलाई की जा रही है। इस तरह से एक निजी कंपनी को बिना रॉयल्टी और अवैध रेत घाट से बालू ढुलाई करवाना कौन सा बड़ा नेता और अधिकारी का संरक्षण है। जब हमने ट्रैक्टर के ड्राइवर से बातचीत की तो उन्होंने अवैध रेत ढुलाई और एक निजी कंपनी में पहुंचाने की बात मानी पर इस अवैध कारनामा के पीछे कौन है बोलने पर उक्त ड्राइवर ने चुप्पी साध ली।
अब देखने वाली बात होगी कि इस निजी कंपनी को कब तक अवैध रेत दिया जाता रहेगा या खनिज विभाग इन रेत ट्रैक्टरों कार्यवाही करेगी या नहीं ?



