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रायगढ़ (जनता के सवाल)। जिले में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के काउंसलिंग में फर्जीवाड़ा का एक और मामला सामने आया है। पुसौर के बीईओ दिनेश कुमार पटेल ने अपने चहेते अपात्र सहायक शिक्षक को राज्य स्तरीय मापदंडों को धता बताते हुए पात्रताधारी (प्रधान पाठक प्राथमिक – जयकृष्ण मेहर) के आवेदन को अनदेखा करते हुए अवैध रूप से संकुल शैक्षिक समन्वयक बनाया और लगातार विरोध किए जाने पर कलेक्टर के निर्देश का हवाला देते हुए 16 मई को उक्त सीएससी नियुक्ति आदेश को निरस्त कर दिया।
मजे की बात यह है कि उक्त नियुक्ति को निरस्त करने के बाद भी 4 जून को आयोजित काउंसलिंग प्रक्रिया में जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति की आंखों में धूल झोंकते हुए गुमराह कर अपने चहेते सहायक शिक्षक मायाराम गुप्ता को शैक्षिक समन्वयक दिखाते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया में वरिष्ठता का अनुचित लाभ दिया गया। इससे उक्त सहायक शिक्षक को अपने से वरिष्ठ सहायक शिक्षकों से पहले स्कूल चयन करने का मौका मिल गया।
इस प्रकार फर्जीवाड़ा कर बीईओ पुसौर दिनेश कुमार पटेल द्वारा जिले के वरिष्ठ सहायक शिक्षकों का हक मारकर अपने चहेते सहायक शिक्षक को मनपसंद स्कूल दिलाने का षड्यंत्र जिला स्तरीय समिति के हाथों धोखे से सफल रहा। अब यह देखने वाली बात होगी कि इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद शासन के इस महत्वाकांक्षी योजना में सेंधमारी करने वाले उक्त अधिकारी पर क्या कार्रवाई की जाती है?
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