आपातकाल की 49वीं बरसी: लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, देश आज भी नहीं भूला वो काला दिन

रायगढ़, 25 जून 2025 —
आज 25 जून को भारत में आपातकाल दिवस के रूप में याद किया जाता है — एक ऐसा दिन जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के तौर पर दर्ज है। आज से ठीक 49 साल पहले, 25 जून 1975 की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था, जो कि 21 महीने तक चला। इसे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सबसे बड़ा हमला माना जाता है।
आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई, लाखों लोगों को बिना कारण जेलों में डाल दिया गया और विपक्षी नेताओं को दबाया गया। रायगढ़ समेत देशभर में इस दिन को लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
रायगढ़ में भाजपाइयों ने काला दिवस के रूप में मनाया
रायगढ़ जिले में भारतीय जनता पार्टी और अन्य लोकतंत्र प्रेमियों ने आज काला दिवस के रूप में रैली और संगोष्ठियों का आयोजन किया। वक्ताओं ने युवाओं को उस दौर की भयावहता से परिचित कराया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया।
पूर्व जनसंघ कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता श्री [नेता का नाम] ने कहा,
> “आपातकाल एक चेतावनी है कि यदि नागरिक अधिकारों की रक्षा नहीं की गई तो देश फिर से तानाशाही की ओर बढ़ सकता है। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए।”


