LIVE TVदेशब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यविश्व

आपातकाल लोकतंत्र पर हमला था, कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता आज भी बरकरार – अनुराग सिंहदेव❞

 

रायगढ़ (जनता के सवाल न्यूज)।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को लगा आपातकाल आज भी एक “काले अध्याय” के रूप में याद किया जाता है। इस अवसर पर जिला भाजपा कार्यालय रायगढ़ में आयोजित पत्रकार वार्ता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष एवं भाजपा बिलासपुर संभाग प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘आंतरिक अशांति’ का बहाना बनाकर देश पर आपातकाल थोपा। यह निर्णय किसी युद्ध या संकट के चलते नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया था। कांग्रेस ने प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिक अधिकारों को रौंद डाला।”

आपातकाल के ऐतिहासिक प्रसंगों को गिनाते हुए अनुराग सिंहदेव ने बताया:

1974 में जॉर्ज फर्नांडिस की ऐतिहासिक रेल हड़ताल से सरकार हिल गई थी।

छात्रों के नेतृत्व में बिहार-गुजरात में जबरदस्त आंदोलन खड़ा हुआ।

12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया और अयोग्य करार दिया।

25 जून की रात आपातकाल लगा और 26 जून की सुबह रेडियो पर तानाशाही की घोषणा हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता से काम कर रही है – बस तरीके बदल गए हैं।

कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान, मीसाबंदी सुगन चंद फरमानिया, गुरुपाल सिंह भल्ला, श्रीकांत सोमावार, कमल गर्ग, सुभाष पांडेय, शीला तिवारी, ब्रजेश गुप्ता सहित कई नेता उपस्थित रहे।

❖ रायगढ़ के मीसाबंदी:

आपातकाल के समय रायगढ़ जिले से भी कई लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए थे, जिनमें प्रमुख नाम –
एमएस लांबट, पीके तामस्कर, दयाराम ठेठवार, राजकिशोर सिंह, लखीराम अग्रवाल, अमरीक सिंह संसोवा, बाबूलाल अग्रवाल, डॉ. एनएम ब्रह्मा, जयदयाल अग्रवाल आदि शामिल हैं।

Editor Hemsagar shrivas

Related Articles

Back to top button