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कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी जल भराव क्षेत्रों का सुबह से निरीक्षण कर राहत कार्यों का लेते रहे जायजा*

 

*बाढ़ राहत के लिए गठित टीमों को क्विक रिस्पांस के लिए दिए गए हैं निर्देश*

*जरूरत पडऩे पर लोगों को ठहराने के लिए सामुदायिक भवनों में की गई है व्यवस्था*

रायगढ़, 3 जुलाई 2025/ भारी बारिश के कारण रायगढ़ शहर के निचले स्तर, विभिन्न कॉलोनी एवं मोहल्ले में जल भराव की स्थिति निर्मित होने पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जल भराव वाले क्षेत्रों का सुबह से निरीक्षण कर जायजा लेते रहे। इस दौरान सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एसडीएम श्री महेश शर्मा एवं नगर निगम की टीम मौजूद रही। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने बाढ़ राहत कार्य के लिए गठित टीमों को सूचना के आधार पर क्विक रिस्पांस के साथ कार्य करने और लोगों को तत्काल राहत पहुंचे इसे ध्यान में रखकर कार्य करने के निर्देश निगम आयुक्त को दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सबसे पहले चिरंजीव दास नगर का निरीक्षण किया। जहां जल भराव की स्थिति को देखते हुए उन्होंने वर्षा जल के स्टॉपेज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद पंजरीप्लांट स्थित ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया गया। नदी किनारे बसे बस्तियों में बाढ़ की स्थिति बनने पर ऑडिटोरियम में अस्थाई तौर पर लोगों को ठहराए जाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैजनाथ मोदीनगर कालोनी, बेलादुला पुलिया, जोगी डीपा पुलिया का निरीक्षण किया। यहां भी पुलिया से पानी की निकासी अच्छी तरीके से हो, इसके निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जल भराव की स्थिति पर पानी निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर तत्काल रूप से जेसीबी एवं अन्य संसाधन लगाकर त्वरित रूप से कार्य करने और जल भराव की स्थिति को सामान्य करने अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने हेवी रेन की स्थिति में बाढ़ एवं जल भराव से निबटने किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली। जल भराव वाली जगहों से पानी निकासी शीघ्र हो इसके लिए कार्य करने के लिए कहा। आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल रिस्पांस करने के निर्देश दिए।
आयुक्त नगर निगम श्री क्षत्रिय ने बताया कि बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति में लोगों को राहत कार्य पहुंचाने के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई है। इसी तरह लोगों को अस्थाई रूप से ठहराने के लिए सामुदायिक भवनों को व्यवस्थित किया गया है।

Editor Hemsagar shrivas

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