जनपद पंचायत पुसौर में फर्जी फर्मों का बड़ा खेल!* *मनरेगा और निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों की हेराफेरी, शासन को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका*
*रायगढ़ / पुसौर।
*जनपद पंचायत पुसौर में सरकारी योजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों और मनरेगा योजनाओं में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां ऐसे फर्म के नाम पर भुगतान किया जा रहा है, जो असल में कहीं अस्तित्व में ही नहीं हैं। ये फर्म केवल कागजों पर ही मौजूद हैं, और इनका उद्देश्य केवल फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन की हेराफेरी करना है।*
*सूत्रों के मुताबिक, इन फर्जी फर्मों के नाम से वेंडर बिल तैयार कर भुगतान किया जाता है, जिनमें जीएसटी नंबर या फिर किसी व्यक्ति विशेष के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी जीएसटी जैसा प्रतीत होता विवरण दिखाया जाता है। इसके जरिए मोटी राशि ट्रांसफर कर ली जाती है।*
विशेष बात यह है कि इस प्रकार के भुगतान में न तो किसी फर्म की सत्यता की जांच की जा रही है, न ही किसी कार्य की पारदर्शी माप-तौल। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो शासन को लाखों-करोड़ों की क्षति हो सकती है।
प्रशासनिक उदासीनता बनी बड़ी वजह
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पूरे खेल में कुछ अंदरूनी कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है, जो ऐसे फर्मों को भुगतान प्रक्रिया में प्राथमिकता देते हैं। यदि शासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देता, तो आने वाले समय में बड़ी आर्थिक अनियमितता सामने आ सकती है।
मांग – हो निष्पक्ष जांच और कार्रवाई
जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे सभी वेंडरों की जांच की जाए जिनके नाम पर भुगतान हुआ है। साथ ही, फर्जी बिल लगाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनधन की रक्षा हो सके।*



