
रायगढ़।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों अगर किसी जिले की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है रायगढ़। इसकी वजह है यहां के जनप्रतिनिधि और मंत्री ओपी चौधरी, जिन्होंने मंत्री पद संभालने के कुछ ही महीनों में रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी है।
हर दिन करोड़ों की सौगात, विकास कार्यों की झमाझम बारिश ने पूरे प्रदेश को चौंका दिया है। विपक्ष हो या पक्ष, हर कोई हैरान है और सोचने पर मजबूर है कि क्या सच में ऐसा भी संभव है? पहली बार किसी मंत्री ने अपने कार्यों से यह दिखाया है कि मंत्री पद की गरिमा और जिम्मेदारी क्या होती है।
ओपी चौधरी कोई साधारण नेता नहीं, बल्कि पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। राजनीति में नवागंतुक माने जाने वाले चौधरी ने अपनी योजनाओं और दूरदर्शिता से धुरंधरों को भी राजनीतिक पाठ पढ़ा दिया है। उनके द्वारा किए गए कामों ने राजनीति के पंडितों और विशेषज्ञों तक को आश्चर्यचकित कर दिया है।
यही वह रायगढ़ है जहां पहले एक साथ चार मंत्री भी रहे, फिर भी सड़क, बिजली, पानी जैसी समस्याएं बनी रहती थीं। लेकिन आज की रायगढ़ विधानसभा की बात करें तो यहां चमचमाती सड़कें, निर्माणाधीन नालंदा परिसर, पुसौर में 100 बिस्तरों का अस्पताल, रिंग रोड, नया एसपी भवन, सारिया में तहसील और पंजीयन भवन जैसी कई सौगातें नजर आती हैं।
अपने क्षेत्र के प्रति ऐसा समर्पण, दूरदृष्टि और योजनाओं को ज़मीन पर उतारने का विजन बिरले ही मंत्रियों में देखने को मिलता है। रायगढ़ के विकास के लिए ओपी चौधरी की प्रतिबद्धता, उन्हें एक यूथ आइकॉन के रूप में स्थापित करती है।



