

पुसौर, रायगढ़।
पुसौर क्षेत्र में नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा इन दिनों अपने कार्यशैली और संवेदनशीलता के लिए चर्चा में हैं। प्राकृतिक या अप्राकृतिक आपदा की स्थिति हो, चाहे वह अचानक आई बाढ़ हो या सायक्लोन जैसी तबाही—मिश्रा हर बार पीड़ित ग्रामीणों के बीच सबसे पहले पहुँचने वालों में होते हैं।
उनकी कार्यशैली ने उन्हें ग्रामीणों के बीच एक सच्चे जनसेवक की पहचान दिलाई है। सुदूर गांवों में जब प्रशासनिक अमला पहुंचने में देर करता है, उस समय भी पंकज मिश्रा खुद अपनी टीम के साथ राहत और सहायता लेकर सबसे पहले पहुँचते देखे गए हैं।
पिछले कुछ दिनों में आए तूफान और भारी वर्षा के दौरान उन्होंने रात-दिन क्षेत्र का निरीक्षण किया, ज़रूरतमंदों तक सहायता पहुँचाई और समस्याओं को तत्काल हल करने की कोशिश की। ग्रामीणों का कहना है कि मिश्रा जी न केवल प्रशासनिक अधिकारी हैं, बल्कि संकट में साथ खड़े रहने वाले एक सच्चे साथी हैं।
उनकी तत्परता, मानवीय दृष्टिकोण और निष्कलंक कार्यशैली के कारण वे क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत बनते जा रहे हैं।
ग्रामीणों की जुबानी:
“जब भी कोई मुसीबत आती हैं l सबसे पहले मिश्रा साहब को ही देखते हैं हम। चाहे रात हो या दिन, वे हमेशा साथ खड़े मिलते हैं,” – कहते हैं ग्राम चंगोरी के ग्रामीण l
निष्कर्ष:
नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा का यह समर्पण दर्शाता है कि यदि अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता से काम करें, तो प्रशासन और जनता के बीच की दूरी बहुत कम हो सकती है। पुसौर क्षेत्र के लोग निश्चित ही अपने इस जनसेवक पर गर्व महसूस कर रहे हैं।



